
श्रुति शर्मा
239 days ago
॥ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॥ श्रोता‒भगवान् सभीके हृदयमें विराजमान हैं, फिर भी मनुष्यके द्वारा गलत काम क्यों होता है ? स्वामीजी‒क्या आपने भगवान्से प्रार्थना की है कि महाराज, मेरे द्वारा गलत काम न हो ? भगवान्का जबर्दस्ती करनेका स्वभाव बिल्कुल नहीं है । अच्छे सन्त-महात्मा भी बात कह देते हैं, पर जबर्दस्ती नहीं करते । हरेकको बात कहनेमें भी वे संकोच करते हैं । विशेष कृपा होती है, तब कहते हैं । भगवान्ने अठारह अक्षौहिणी सेनामें केवल अर्जुनको ही उपदेश दिया, दूसरोंको क्यों नहीं दिया ? चोर-डाकू जबर्दस्ती करते हैं । आपके घर साधु आयेगा तो भिक्षाके लिये आवाज दे देगा, आप नहीं बोलो तो चल देगा । परन्तु डाकूको नहीं बोलो तो क्या वह चल देगा ? भगवान् सम्पूर्ण प्राणियोंके हृदयमें रहते हैं । उनके बिना कोई प्राणी-पदार्थ है ही नहीं । वे स्वतः-स्वाभाविक सबमें परिपूर्ण हैं । पर वे विधि-निषेध करनेके लिये सबमें परिपूर्ण नहीं हैं । जैसे गायके भीतर रहनेवाला घी गायके काम नहीं आता, ऐसे ही भगवान् सबमें व्यापक रहते हुए भी काम नहीं आते । प्रार्थना करनेपर वे काम आते हैं । अगर भगवान् विधि-निषेध करें तो सब शास्त्र निरर्थक हो जायँगे, गुरु निरर्थक हो जायगा, शिक्षा निरर्थक हो जायगी ! श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज

Comments (6)

Umesh Sharma
Jan 9, 2026
jai jai shriram🌹

श्रुति शर्मा
Jan 7, 2026
thenks brother ji🙏🙏

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jan 7, 2026
सियाराम चंद्र शंकर हरि ॐ जय जय सियाराम जय जय हनुमान सभी मनोवांछित अभिलाषा पूर्ण करे अति सुंदर अपार सराहनीय बेहद प्रशंसनीय प्रस्तुती कोटि कोटि धन्यवाद जी 👌👍🥀🙏👍🥀

Rakesh Kumar
Jan 3, 2026
jai shree ram 🙏

श्रुति शर्मा
Jan 3, 2026
namste bhai ji

Suresh Kumar
Jan 3, 2026
जय श्रीं राम 🙏जय वीर हनुमान. 🌺 🌺🌺🌺शुभ दोपहर वंदन मेरी बहन
