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Rama Devi Sahu

3 days ago

अनंत चौदस "25 सितंबर, शुक्रवार 2026 को है। अनंत चतुर्दशी की कथा और गणेश विसर्जन - एक साथ क्यों ? हर साल भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को दो बड़े पर्व एक साथ होते हैं - *अनंत चतुर्दशी* और *गणेश विसर्जन।* इस बार 2026 में अनंत चौदस "25 सितंबर, शुक्रवार को है। 1. अनंत चतुर्दशी की कथा पांडवों ने अपना सब राज-पाट जुए में खो दिया था। तब श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा - तुम अनंत व्रत करो, सब ठीक होगा। कथा ऐसी है - बहुत समय पहले *सुमंत* नाम के ब्राह्मण थे, उनकी बेटी *सुशीला*। सुशीला का विवाह *कौंडिन्य* ऋषि से हुआ। एक बार कौंडिन्य ऋषि को बहुत गरीबी आ गई। तब सुशीला ने देखा कि कुछ स्त्रियाँ सुंदर वस्त्रों में अनंत भगवान की पूजा कर रही हैं। पूछने पर पता चला - आज अनंत चतुर्दशी है, जो 14 गांठों वाला अनंत सूत बांधता है, अनंत भगवान उसकी सारी मनोकामना पूरी करते हैं। सुशीला ने भी व्रत किया और अनंत सूत अपनी भुजा पर बांध लिया। देखते ही देखते कौंडिन्य ऋषि फिर से धनवान हो गए। एक दिन अहंकार में कौंडिन्य ने सुशीला के हाथ से अनंत सूत तोड़कर आग में फेंक दिया। उसी क्षण से उनका सब कुछ नष्ट हो गया, घर में दरिद्रता आ गई। तब पश्चाताप में कौंडिन्य जंगल में अनंत भगवान को ढूंढने निकल पड़े। उन्हें रास्ते में कभी गाय, कभी पेड़, कभी गधा मिला - सबने कहा हमें अनंत नहीं पता। अंत में उन्हें एक बूढ़े ब्राह्मण के रूप में स्वयं *अनंत भगवान - विष्णु जी* मिले। भगवान ने कहा - मैं ही अनंत हूँ, मैं ही आदि और अंत हूँ। तुमने मेरा अपमान किया था, इसलिए दुख पाया। अब फिर से व्रत करो। कौंडिन्य ने 14 साल तक लगातार अनंत व्रत किया और उन्हें सब कुछ वापस मिल गया। मान्यता : इस दिन 14 गांठ वाला अनंत सूत पुरुष दाएं हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं। ये 14 गांठें 14 लोकों का प्रतीक हैं और विष्णु जी की रक्षा का बंधन है। 2. इसी दिन गणेश विसर्जन क्यों होता है? गणेश चतुर्थी से 10 दिन तक गणपति जी हमारे घर मेहमान बनकर रहते हैं। अनंत चतुर्दशी उनके जाने का दिन है। इसके दो कारण हैं - A. गणेश जी का अनंत में विलीन होना : गणेश जी बुद्धि के देवता हैं, और अनंत - विष्णु जी सृष्टि के पालनकर्ता। शास्त्र कहते हैं बुद्धि को हमेशा अनंत में - ईश्वर में विलीन होना चाहिए। इसलिए अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी को अनंत सागर में विसर्जित किया जाता है। B. लोक मान्यता : महाराष्ट्र में लोकमान्य तिलक जी ने गणेश उत्सव को सार्वजनिक रूप दिया था। 10 दिन के उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी को ही रखा गया ताकि भक्तों को लंबा समय मिले और अंत में सब एक साथ विसर्जन कर एकता दिखाएं। संदेश : गणेश विसर्जन हमें सिखाता है - जो आया है वो जाएगा, शरीर मिट्टी है, पर आत्मा अनंत है। इसलिए हमें मोह नहीं, अनंत ईश्वर से जुड़ना चाहिए। "आया है सो जाएगा, पर भक्ति अनंत है - गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ!"🙏 "विष्णु भगवान की जय हो गणपति बप्पा मोरया"🙏 🌹

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 25, 2026

🌺 अनंत चतुर्दशी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🌺 भगवान गणेश जी की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल बना रहे। “सत्य, सदाचार और सेवा का मार्ग अपनाएं; अच्छे कर्म जीवन को सार्थक बनाते हैं और मन में सच्ची भक्ति का भाव जगाते हैं।” “अच्छे विचार, अच्छे कर्म और सेवा की भावना जीवन को सही दिशा देती है।” 🙏 गणपति बप्पा मोरया! 🙏

सविता

सविता

Sep 25, 2026

Ganesha visrjan ki shubhkamnaye 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 25, 2026

राधे राधे जी 🙏 🙏🪷 जय श्री गणेश 🪷🙏 अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की कृपा सभी पर बनी रहे। आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का अनंत प्रकाश सदैव बना रहे। ✨🌸 🙏 गणपति बप्पा मोरया 🙏 🌺 अनंत चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌺

Rahul Mishra

Rahul Mishra

Sep 25, 2026

Radhe Radhe ji 🙏🌹♥️