
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
19 days ago
हाँ बिल्कुल 🙏 ये रही *मंगला गौरी व्रत पूजा सामग्री और पूरी पूजा विधि* *1. पूजा सामग्री लिस्ट* *माता के लिए* - माता गौरी की मूर्ति या फोटो - लाल/पीला कपड़ा आसन के लिए - चौकी, कलश, नारियल, आम के पत्ते - मौली - 16 गांठ वाली - सिंदूर, हल्दी, कुमकुम, अक्षत चावल, मेहंदी - बिंदी, चूड़ी, काजल, कंघी, इत्र - सुहाग सामग्री - फूल - खासकर गेंदा और लाल फूल - धूप, दीप, कपूर, अगरबत्ती - मिठाई का भोग - 16 लड्डू, खीर, मालपुआ, फल *व्रत के लिए* - फलाहार की सामग्री अगर निर्जला नहीं रख रही - दान के लिए: 16 सुहागिनों के लिए बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, साड़ी/सूट का कपड़ा *2. पूजा विधि - Step by Step* *सुबह की तैयारी* 1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। लाल, हरे या पीले कपड़े पहनें। 2. व्रत का संकल्प लें - "मैं मंगला गौरी माता का व्रत पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए कर रही हूँ" *स्थापना और पूजा* 3. पूजा वाली जगह को साफ करके चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। 4. कलश में पानी भरकर उस पर आम के पत्ते और नारियल रखें। पास में माता गौरी की मूर्ति/फोटो स्थापित करें। 5. माता को मौली की 16 गांठ चढ़ाएं। सिंदूर, हल्दी, कुमकुम, अक्षत लगाएं। 6. धूप-दीप जलाएं और माता को भोग लगाएं - खीर, लड्डू, फल *कथा और जाप* 7. मंगला गौरी व्रत कथा पढ़ें या सुनें। 8. 108 बार इस मंत्र का जाप करें: `ॐ ह्रीं मंगला गौर्यै नमः` 9. आरती करें - "जय मंगला गौरी मैया" *व्रत खोलना* 10. शाम को चांद देखने के बाद या पूजा के बाद फलाहार/भोजन करें। नमक बिना खाना उत्तम माना जाता है। *3. आखिरी मंगलवार - उद्यापन* श्रावण के आखिरी मंगलवार को 16 ब्राह्मण/कन्याओं को भोजन कराएं। 16 सुहागिनों को सुहाग की सामग्री दान करें। इससे व्रत पूरा माना जाता है। *जरूरी बातें* - व्रत में क्रोध, झूठ और बहस से बचें - मन में सिर्फ माता का ध्यान रखें - ये व्रत 16 साल या कम से कम 5 साल करने की मान्यता है माता मंगला गौरी आपकी हर मनोकामना पूरी करें 🌸 और कुछ जानना है? जैसे आरती या भजन चाहिए तो बता दो
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