
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
64 days ago
The mystery of the three doors ends here. Vilvamangalam Swamiyar went searching for the child he had lost. But what appeared before him in Ananthankadu was not a child anymore. Vishnu appeared reclining on Anantha, in a form too vast to be seen in one glance. And that is why, even today, at Sree Padmanabhaswamy Temple, darshan happens through three doors. Face. Nabhi. Feet. Mystery of the Three Doors. temple stories. #vishnu
Comments (2)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 27, 2026
राम कृष्ण हरि बोल ये मंत्र है विष्णु के 3 अवतार के नाम है ये मंत्र बॉट ही पावरफुल है अगर आपने इसको सिद्ध किया

Rama Devi Sahu
Jun 27, 2026
🙏🔱!!जय ब्रह्मा!!विष्णु!!महेश!!🔱🙏 एक हाथ में कमल है, दूजे सर्प विराजे। बीच में नारायण खड़े, छवि अति सुंदर साजे॥ अर्थ: इस दिव्य स्वरूप में एक तरफ भगवान ब्रह्मा के हाथ में पवित्र "कमल" का फूल है, तो दूसरी तरफ भगवान शिव के गले और स्वरूप में "सर्प" (सांप) विराजमान है। इन दोनों के ठीक मध्य (बीच) में जगत के पालनहार भगवान "नारायण" (विष्णु जी) खड़े हैं। तीनों देवों की यह संयुक्त छवि अत्यंत सुंदर, अलौकिक और मनमोहक लग रही है। कमल और ब्रह्मा जी: ब्रह्मा जी के हाथ में खिला हुआ कमल ज्ञान, पवित्रता और ब्रह्मांड के सृजन (रचना) का प्रतीक है। सर्प और शिव जी: शिव जी के साथ दिखने वाला नाग काल (समय), मृत्यु और संहार (पुनर्निर्माण) की शक्ति को दर्शाता है। वे विपरीत और कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहने का संदेश देते हैं। नारायण (विष्णु जी): मध्य में स्थित भगवान विष्णु नीले रंग के दिव्य स्वरूप में हैं। वे संतुलन के प्रतीक हैं, जो सृजन और संहार के बीच पूरी सृष्टि का पालन-पोषण करते हैं। इस दोहे का मुख्य संदेशएकता का संदेश: यह दोहा हमें सिखाता है कि शक्तियां भले ही अलग-अलग दिखें (रचना, पालन और संहार), लेकिन वे सब अंततः एक ही परमेश्वर का हिस्सा हैं। ईश्वर में कोई भेद नहीं है। जीवन में संतुलन: कमल सुंदरता का प्रतीक है और सर्प भय का। जीवन में सुख (कमल) और कठिनाइयाँ (सर्प) दोनों साथ चलते हैं। हमें नारायण की तरह शांत रहकर जीवन के सफर में संतुलन बनाए रखना चाहिए। 🙏🔱!!जय ब्रह्मा!!विष्णु!!महेश!!🔱🙏
