
Rama Devi Sahu
297 days ago
*मन की बात* *एक बच्चा दोपहर में मंदिर के बाहर नंगे पैर फूल बेच रहा था। लोग मोलभाव कर रहे थे। एक सज्जन ने उसके पैर देखे, उन्हें बहुत दु:ख हुआ। वह भागकर गये, पास ही की एक दुकान से बूट लेकर के आये और कहा-"बेटा! बूट पहन ले।"* *लड़के ने फटाफट बूट पहने, बड़ा खुश हुआ और उस आदमी का हाथ पकड़ के कहने लगा- "आप भगवान हो?" वह आदमी घबराकर बोला-"नहीं..नहीं. बेटा! मैं भगवान नहीं।"* फिर *लड़का बोला-"ज़रूर.. आप भगवान के दोस्त होंगे क्योंकि मैंने कल रात ही भगवान को अरदास की थी कि भगवानजी, मेरे पैर बहुत जलते हैं मुझे बूट लेकर के दो।" वह आदमी आंखों में पानी लिये मुस्कुराता हुआ चला गया, पर वो जान गया था कि भगवान का दोस्त बनना ज्यादा मुश्किल नहीं है।* *कुदरत ने भगवान के दोस्त बनने का ये रास्ता बनाया है* कि *1) कुछ देकर या कर के जाओ*, या या या *2) यूं ही छोड जाओ* *साथ लेकर के जाने की कोई व्यवस्था अभी नहीं है।* *मनन करने का विषय है।* *कृपया एक बार जरूर सोचें।* 🙏🙏
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