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घर दीन्हे घर जात है, घर छोड़े घर जाय 'तुलसी' घर बन बीच रहू, राम प्रेम-पुर छाय यदि मनुष्य एक स्थान पर घर करके बैठ जाय तो वह वहाँ की माया-ममता में फँसकर उस प्रभु के घर से विमुख हो जाता है, इसके विपरीत यदि मनुष्य घर छोड़ देता है तो उसका घर बिगड़ जाता है, इसलिए कवि का कथन है कि भगवान् राम के प्रेम का नगर बना कर घर और बन दोनों के बीच समान रूप से रहो, पर आसक्ति किसी में न रखो।✍️🌷🙏 🚩 प्रभू श्री रामजी एवं हनुमान जी का आशीर्वाद सदैव आप सभी पर बनी रहें। 🙏🪔 जय श्री राम 🪔🙏 🙏🪔 जय हनुमान🪔🙏

Comments (2)

Riya Riya  💖💖

Riya Riya 💖💖

May 4, 2026

जय बजरंगबली जय हनुमान जी🙏🌹🌹🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 18, 2026

*सुप्रभात वंदन* *किसी के लिए समर्पण करना मुश्किल नहीं है मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आपके समर्पण की कद्र करे* 🙏 *जय सियाराम* 🙏