
प्रभा त्रिपाठी
420 days ago
राम।।🍁 *..साधु होनेपर भी शान्ति नहीं मिलेगी..*✨ *श्रोता--* घरमें बहुत विक्षेप होता है, भजनमें कैसे एकाग्र हों? *स्वामीजी--* विक्षेप आपके साथ है, घरके कारण नहीं है। आप घर छोड़कर साधु हो जाओ तो भी विक्षेप छूटेगा नहीं। वह आपके साथ चलेगा। साधु होनेपर भी शान्ति नहीं मिलेगी। ऐसा मैंने देखा है। *संसारका सम्बन्ध छोड़कर भगवान् के साथ सम्बन्ध रखो तो शान्ति मिलेगी, नहीं तो साधु हो जाओ अथवा गृहस्थमें रहो, शान्ति नहीं मिलेगी।* जिसका भगवान् में मन नहीं लगता, उसका कहीं भी मन नहीं लगेगा। भगवान् तो अपने हैं। उनके सिवाय और कोई अपना नहीं है। जो कभी हो, कभी न हो, वह अपना नहीं होता। कहीं हो, कहीं न हो, वह अपना नहीं होता। किसीका हो, किसीका न हो, वह अपना नहीं होता । भगवान् सब समयमें हैं, सब जगह हैं, सबके हैं। उन भगवान् को अपना मानो और उनकी आवश्यकताका अनुभव करो। जिन लोगोंने रुपयोंकी आवश्यकता समझी है, उनको उम्रभर कभी शान्ति नहीं मिलती। वे रुपया-रुपया करते मर जायँगे, पर शान्ति नहीं मिलेगी! *आप मानो, चाहे मत मानो, जो भोगोंमें तथा रुपयोंमें लगे हुए हैं, उनको कभी शान्ति नहीं मिलेगी... नहीं मिलेगी..... नहीं मिलेगी !!* *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *ईश्वर अंस जीव अबिनासी* पृष्ठ १३६

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jul 8, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏🌹🌹

Priyanka bindal bindal
Jul 6, 2025
radhe radhe
