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Rama Devi Sahu

118 days ago

*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞 दिनांक - 04 मई 2026* *⛅दिन - सोमवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - ज्येष्ठ* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - तृतीया प्रातः 05:24 मई 05 तक तत्पश्चात् चतुर्थी* *⛅नक्षत्र - अनुराधा सुबह 09:58 तक तत्पश्चात् ज्येष्ठा* *⛅योग - परिघ रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात् शिव* *⛅राहुकाल - प्रातः 07:30 से सुबह 09:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:52* *⛅सूर्यास्त - 06:56 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:24 से प्रातः 05:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:58 से दोपहर 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:02 से मध्यरात्रि 12:45 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थ सिद्धि योग (प्रातः 05:52 से सुबह 09:58 तक)* *🌥️विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 ➡️ *05 मई 2026 मंगलवार को सूर्योदय से 06 मई सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है।* 🙏 *मंगलवारी चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…* 🌷 *> बिना नमक का भोजन करें* 🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो* 🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें* 💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |* 🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷 ➡️ *05 मई 2026 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 10:20)* 🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |* 👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –* 🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।* 🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।* 🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।* 🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।* 🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:* 🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:* *🙏 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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