
Rama Devi Sahu
364 days ago
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Dt.31.08.2025 (Sunday) ***************************** 🙏🌹 Aap Sabhi ko Radha Ashtami ki Hardik Shubhkamnaye 🙏🌹 भगवान श्रीकृष्ण के नाम के साथ हमेशा राधा रानी का नाम भी लिया जाता है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद राधा अष्टमी का पर्व आता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी व्रत रखा जाता है। इस साल राधा अष्टमी 31 अगस्त को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राधा रानी की पूजा के बिना भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी की तरह ही राधा अष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाते हैं। राधा_अष्टमी_शुभ_मुहूर्त: पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 30 अगस्त को रात 10 बजकर 46 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 1 सितंबर को देर रात 12 बजकर 57 मिनट पर होने जा रहा है। ऐसे में राधा अष्टमी रविवार 31 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन पर राधा जी की पूजा का समय सुबह 11 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। जरूर_करें_ये_काम: राधा अष्टमी के दिन राधा रानी और कृष्ण के युगल स्वरूप की पूजा करें। साथ ही इस दिन पर राधा रानी की मूर्ति का शृंगार जरूर करें। इसके बाद राधा रानी और कृष्ण जी को मालपुए, मिठाई, रबड़ी और फलों का भोग लगाएं। भोग अर्पित करते समय इस मंत्र का जप भी जरूर करें - त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।। माना जाता है कि भोग के दौरा इस मंत्र का जप करने से देवी-देवता भोग को जल्दी स्वीकार करते हैं। साथ ही राधा अष्टमी के दिन इन सभी नियमों का ध्यान रखने से साधक को प्रेम, सौभाग्य और आनंद की प्राप्ति होती है। न_करें_ये_गलतियां: राधा अष्टमी व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठें। इस दिन साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। इस दिन पर क्रोध, कटु वचन और बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें, अन्यथा आपको पूजा का पूरा फल नहीं मिलता। राधा अष्टमी के व्रत में अनाज और नमक का सेवन न करें। इस दिन पर केवल एक समय फलाहार करने का नियम है। साथ ही जो साधक इस दिन व्रत नहीं भी कर रहे हैं, उन्हें भी तामसिक भोजन से बचना चाहिए। राधा_अष्टमी_का_महत्व: हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का विशेष महत्व है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन के बाद राधा रानी का भी प्राकट्य हुआ था। इसी के कारण इस दिन को राधा अष्टमी के रूप में मनाते हैं। इस दिन भक्तगण उपवास रखकर राधा रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन राधा रानी की विधिवत पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साधक को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही राधा रानी की कृपा से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती है। धन-वैभव, प्रेम-करुणा, सुख-समृद्धि आदि की प्राप्ति होती है। इस_विधि_से_करें_पूजा: प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद मंडप के नीचे मंडल बनाकर उसके मध्यभाग में मिट्टी या तांबे का कलश स्थापित करें। कलश पर तांबे का पात्र रखें। अब इस पात्र पर वस्त्राभूषण से सुसज्जित राधाजी की सोने (संभव हो तो) की मूर्ति स्थापित करें।तत्पश्चात राधाजी का षोडशोपचार से पूजन करें। ध्यान रहे कि पूजा का समय ठीक मध्याह्न का होना चाहिए। पूजन पश्चात पूरा उपवास करें अथवा एक समय भोजन करें। दूसरे दिन श्रद्धानुसार सुहागिन स्त्रियों तथा ब्राह्मणों को भोजन कराएं व उन्हें दक्षिणा दें।
Comments (4)

Rohit Patel
Aug 31, 2025
रमा जी, राधे राधे जी 📿🙏🌹🌹💞💞

Radhe Radhe
Aug 31, 2025
🌞🌞 शुभ रविवार सुप्रभात।। वंदन जी🌞🌞 ॐ सूर्याय नमः 🌟 ॐ आदित्याय नमः।। सूर्य भगवान की कृपा आप पर सदैव बनी रहे आपका दिन शुभ हो।।🌞🌞🌹🌹 सुप्रभात शुभ रविवार राधे-राधे जी।। आपको सपरिवार राधा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।। आपका दिन शुभ हो।।🌹🌹🌹🌹 गुड मॉर्निंग सुबह-सुबह की राम राम जी।। आपको हमारे तरफ से इस महीने के अंतिम रविवार सुबह की हार्दिक शुभकामनाएं।।🌹🌹💅👌 बहुत ही सुंदर , आज की आपकी पोस्ट धन्यवाद जी। इतनी सुंदर पोस्ट करने के लिए। जी बहन जी।👌💅

प्रेम कुमार
Aug 31, 2025
🌹 जय श्री कृष्णा राधे राधे 🌹 राधा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹 शुभ प्रभात वंदन आप का दिन मंगलमय हो बहना 🌹
