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Rama Devi Sahu

154 days ago

ब्रज वाले बाबा 🙏🏻 आपने यह कथा तो अवश्य सुनी होगी कि एक गोपी अपने घर में सत्यनारायण की कथा करवाने के लिए पूरे घर को वेदलक्षणा गाय के गोबर से लिपना चाहती है और वेदलक्षणा गाय पूरे बृज में केवल नंद बाबा की गोशाला में ही है। सो गोपी यशोदा मईया से गोबर मांगने आती है तो यशोदा मईया कहती है :- गोबर भी कोई पूछने की वस्तु है जितना चाहे ले जा। परन्तु ठाकुर जी कहते हैं :- मईया,गईया का गोबर कोई सामान्य वस्तु ना है यामे लक्ष्मी जी का वास होवे है और एक तू है कि अपने घर की लक्ष्मी इसे यूॅं ही दे रही है,,परन्तु मैं इसे ऐसे ना ले जाने दूंगो। मईया :- लाला तू जाने और गोपी जाने। मोहे बहुत से कार्य है। इतना कह कर मईया वहाँ से चली गई। अब लाला गोपी ते बोलों बता गोपी इस गोबर के बदले काह देगी ? गोपी :- बता तोहे काह चाहिए ? लाला :- ऐसा कर। एक तसला गोबर के बदले एक लोंदा माखन का दे दियो। गोपी :- ठीक है। लाला :- ठीक तो है!!! परन्तु जे कैसे पतो पड़ेगी कि तू कितने तसला गोबर ले गई है। गिनती तो मोहे आवे ना हैं। यदि तुने कछू गड़बड़ी कर दी तो। गोपी :- तो तू ही कछू उपाय बता ? लाला :- उपाय तो एक ही है कि तू जितने तसला गोबर ले जाऐगी। उतनी ही गोबर की बिंदिया मेरे मुख पर लगा दियो और बाद में उतने ही माखन के लोंदा दे दियो। गोपी :- ठीक है। .....और फिर गोपी जैसे-जैसे गोबर ले जाए। वैसे-वैसे एक बिंदी लाला के मुख पर लगा दे। अब जब गोपी ने अंतिम तसला गोबर उठाना चाहा तो गोपी ने एक चाल चली। गोपी ने लाला से कही :- लाला जे तसला बहुत भारी हो गया है सो तू हाथ लगाकर उकसा दे। अब जैसे ही लाला तसला उकसाने आया। गोपी ने वो तसला नेक सो टेढ़ा कर दिया और सबरा गोबर लाला के उपर डाल दियो। अब गोपी तो यह करके चली गई। और लाला खड़ा हुआ यशोदा मईया को आवाज़ लगा रहा है :- मईया ओ मईया देख याह गोपी ने काह करो। अब मईया लाला को ले जाकर स्नान करवाने लगी तो लाला बोला :- मईया मुख मती धुलवाईयो। मुख पर लगी बिंदिया छूट जाऐगी,, फिर गोपी मोहे माखन का लोंदा नहीं देगी। यह तो थी द्वापर की बात!! परन्तु आज की गोपी तो द्वापर से भी खतरनाक है।वो कहती है कि जिस साईज का माखन का लोंदा लेगा। उसी साईज की बिंदिया लगाऊगी। मैं गोपी ते बोलयो :- गोपी तेरे हाथ जोडू। नेक तो दया कर बालक पे। गोपी :- बाबा तेरा लाला कौन सो हम पर दया करें हैं। या मुख देखन कू पता नहीं कैसी-कैसी योजना बनानी पड़े है। यदि सीधे-सीधे दिन में एक बार आकर मुख दिखा जाऐ तो हमें काह जरूरत है यह सब आडम्बर रचने की। आज तो तेरे लाला का श्रंगार करके ही जाऊँगी। कितना सुन्दर भाव हैं बाबा आपका☺️💛🪷 🌷🌷श्रीԶเधे_Զเधे🌷🌷 🙏🌷जय जय श्रीराधेय्य्य्य राधेय्य्य्यय्य्य्य्य्🌷🙏

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