MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

97 days ago

हरि और हऱ का क्या महत्व है... “हरि” और “हर” दोनों संस्कृत के अत्यंत महत्वपूर्ण शब्द हैं, और हिंदू परंपरा में उनका गहरा आध्यात्मिक महत्व है। हरि – यह नाम मुख्यतः भगवान विष्णु के लिए प्रयोग होता है। “हरि” का अर्थ है जो दुःख, पाप, अज्ञान या बंधनों को हर ले (दूर कर दे)। इसलिए हरि को पालनकर्ता और रक्षक माना जाता है। हर – यह नाम मुख्यतः भगवान शिव के लिए प्रयोग होता है। “हर” का अर्थ भी हरने वाला है — जो अहंकार, अज्ञान, दुख और बुराइयों का नाश करे। शिव को संहार और परिवर्तन के देव के रूप में देखा जाता है। इन दोनों के महत्व को एक और दृष्टि से समझा जाता है: हरि और हर अलग नहीं, एक ही परम सत्य के दो रूप हैं। इसलिए कई ग्रंथों में कहा गया है: “हरि हर में भेद नहीं।” अर्थात पालन करने वाली शक्ति (विष्णु) और परिवर्तन/संहार करने वाली शक्ति (शिव) अंततः एक ही दिव्य चेतना के रूप माने जाते हैं। कई भक्ति परंपराओं में “हरि-हर” शब्द दोनों की एकता का प्रतीक भी है।

Post media

Comments (6)

Rama Devi Sahu null

Rama Devi Sahu

Jul 7, 2026

हर नई सुबह श्री कृष्ण का एक सन्देश होता है, वो फिर से तुम्हे जागते है नीद से नहीं डर से भी, जब हम उनका नाम लेकर जगते है तो दिन ही नहीं, भाग्य भी बदल जाता है... सुबह की राधे राधे 🙏🌹

Savita om namah shivay 🙏🌹

Savita om namah shivay 🙏🌹

Jul 6, 2026

"प्रभु पर भरोसा इतना अटूट रखो कि रात को सोते समय मन में कोई डर न हो। वे हमेशा आपके साथ हैं। शुभ रात्रि, ईश्वर आपको प्यारी और मीठी नींद दे।"

Rama Devi Sahu null

Rama Devi Sahu

Jul 6, 2026

जय जय श्री किशोरी जी राधे राधे🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu null

Rama Devi Sahu

Jul 6, 2026

🙏‼️ Hari Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sandhya Vandan Ji 🙏🌹 Thakur Ji ki kripa Aap pr Sadeib Bani Rahe ❤️🌹🙏

बरखा शर्मा null

बरखा शर्मा

Jul 6, 2026

🌹🌹जय श्री कृष्णा राधे राधे जी 🌹

Rohit  Patel

Rohit Patel

Jul 6, 2026

जी रमा जी... बिलकुल सही कहा सखी जी.. दोनो एक ही है जी 👏👏👏 Good Eve जी 🍨🌹🤝🤗💞💕💞