MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

35 days ago

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा में 'अधर पना' नामक एक विशेष रस्म निभाई जाती है, जिसमें भगवान का प्रसाद जानबूझकर जमीन पर गिरा दिया जाता है। 'अधर' का अर्थ है होंठ और 'पना' का मतलब मीठा शरबत है, जिसे दूध, गुड़, पनीर, केले और मसालों से तैयार किया जाता है। #अधरपना #prasad #प्रसाद इस अनुष्ठान के दौरान मिट्टी के तीन बड़े घड़ों में यह शरबत भरकर तीनों रथों पर भगवान के होठों की ऊंचाई तक रखा जाता है। विशेष पूजा के बाद इन घड़ों को रथ पर ही फोड़ दिया जाता है, जिससे सारा प्रसाद रथ की लकड़ियों और जमीन पर बह जाता है। यह जगन्नाथ धाम का एकमात्र ऐसा प्रसाद है जिसे भक्त या पुजारी ग्रहण नहीं करते। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह विशेष भोग रथ यात्रा में शामिल होने वाली उन अदृश्य और अतृप्त आत्माओं के लिए होता है जो मोक्ष की तलाश में आती हैं। माना जाता है कि जमीन पर फैले इस दिव्य प्रसाद को ग्रहण करने से इन आत्माओं को मुक्ति मिलती है और ब्रह्मांड की नकारात्मक शक्तियां शांत होती हैं। पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा में 'अधर पना' नामक एक विशेष रस्म निभाई जाती है, जिसमें भगवान का प्रसाद जानबूझकर जमीन पर गिरा दिया जाता है। 'अधर' का अर्थ है होंठ और 'पना' का मतलब मीठा शरबत है, जिसे दूध, गुड़, पनीर, केले और मसालों से तैयार किया जाता है।

Post mediaPost mediaPost media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!