MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

281 days ago

♦️बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन- कुमार! ♦️बल बुधि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार!! 💥भावार्थ:–कोई भी जाप बुद्धि के साथ नहीं किया जाता क्योंकि बुद्धि संशय पैदा करती है..! साधना में भाव की आवश्यकता होती है बुद्धि की नहीं..! इसीलिये शुरू में ही गोस्वामी जी ने इस दूषित व माया में दौड़ती बुद्धि का त्यागकर कहा अब मैं पूर्ण समर्पित भाव से पवन-पुत्र हनुमानजी का स्मरण करता हूँ ..!हे प्रभु! आप मुझे बल, बुद्धि और विद्या प्रदान करें तथा मेरे पाँचों क्लेश ( अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष और अभिनिवेष ) और सभी विकारों को हर लें..!! 🌹जय सियाराम जी!!🌹🙏

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!