
Rohit Patel
176 days ago
चतुर्थी की रात्रि में सिद्ध होने वाला श्री गणपति वीर शाबर मंत्र🌺📿🙏💞💞💞💞 चतुर्थी तिथि को चंद्रोदय के समय भगवान गणपति की एक अत्यंत प्राचीन और प्रभावशाली शाबर साधना की जाती है। तांत्रिक परंपराओं में इसे गणपति वीर साधना कहा जाता है। यह मंत्र लोकपरंपरा और नाथ-तांत्रिक साधना में प्रचलित है और कहा जाता है कि श्रद्धा व नियम से जप करने पर साधक की मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है। इस साधना में गणपति को वीर रूप में स्मरण किया जाता है। यह रूप साधक के मार्ग की बाधाओं को नष्ट करता है, भय को दूर करता है और इच्छित फल प्राप्त करने में सहायक माना जाता है। गणपति वीर शाबर मंत्र ॐ गनपत वीर, भूखे मसान, जो फल माँगूँ, सो फल आन। गनपत देखे, गनपत के छत्र से बादशाह डरे। राजा के मुख से प्रजा डरे, हाथा चढ़े सिन्दूर। औलिया गौरी का पूत गनेश, गुग्गुल की धरुँ ढेरी, रिद्धि-सिद्धि गनपत धनेरी। जय गिरनार-पति। ॐ नमो स्वाहा। साधना का संक्षिप्त विधान चतुर्थी की रात जब चंद्रमा उदित हो जाए तब स्नान करके स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें। गणपति की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप प्रज्वलित करें। गुग्गुल की धूप विशेष रूप से इस साधना में उपयोगी मानी जाती है। इसके बाद गणपति को सिंदूर अर्पित कर इस मंत्र का 108 बार जप करें। मन में जिस फल या कार्य की इच्छा हो उसे स्पष्ट भाव से गणपति के सामने प्रार्थना में रखें। साधना से मिलने वाले लाभ इस मंत्र को तांत्रिक परंपरा में मनोकामना पूर्ति, कार्य सिद्धि, बाधा निवारण और साहस की प्राप्ति के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि गणपति वीर साधक के मार्ग में आने वाली अदृश्य बाधाओं को हटाते हैं और उसके कार्यों को सरल बनाते हैं। सावधानी शाबर मंत्र लोकपरंपरा के शक्तिशाली मंत्र होते हैं। इन्हें श्रद्धा, संयम और शुद्ध भाव से ही जपना चाहिए। किसी को हानि पहुँचाने या गलत उद्देश्य से प्रयोग करना तांत्रिक नियमों के विरुद्ध माना गया है। 🌹📿🌹📿🌹📿🌹📿🌹📿🌹

Comments (2)

Rohit Patel
Mar 7, 2026
जी पुनम जी... ॐ गं गणपतये नमः 🌹💞💞💞

poonam sharma poonam
Mar 7, 2026
OM Shri Ganeshaya Namah Ji🙏🌹🙏
