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कितना प्रेम होता होगा उस हृदय में,जो खुद ही मान जाए कुछ पल नाराज़ होने के बाद। वो नाराज़गी भी शिकायत नहीं होती, बस डर होता है कहीं अपनापन कम न हो जाए। ज़िंदगी भी यही सिखाती है जो रिश्ते टूटने से ज़्यादा सुलझने में यक़ीन रखते हैं, वही रिश्ते सबसे गहरे होते हैं। क्योंकि जहाँ प्रेम होता है, वहाँ मैं नहीं, हम जीत जाते हैं। सुप्रभात जय श्री राधे कृष्णा जी ❣️ ❤️✨✨

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