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Rama Devi Sahu

270 days ago

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 03 दिसम्बर 2025* *⛅दिन - बुधवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - हेमंत* *⛅मास - मार्गशीर्ष* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - त्रयोदशी दोपहर 12:25 तक तत्पश्चात् चतुर्दशी* *⛅नक्षत्र - भरणी शाम 05:59 तक तत्पश्चात् कृत्तिका* *⛅योग - परिघ शाम 04:57 तक तत्पश्चात् शिव* *⛅राहुकाल - दोपहर 12:17 से दोपहर 01:38 तक ( उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:51* *⛅सूर्यास्त - 05:40 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:07 से प्रातः 06:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:51 से रात्रि 12:43 दिसम्बर 04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (शाम 05:59 से प्रातः 06:53 दिसम्बर 04 तक)* *🌥️विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है एवं चतुर्दशी को स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल खाना व लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹अमृत – औषधि दालचीनी🔹* *🔸दालचीनी उष्ण, पाचक, स्फूर्तिदायक, रक्तशोधक, वीर्यवर्धक व मूत्रल है । यह वायु व कफ का शमन कर उनसे उत्पन्न होनेवाले अनेक रोगों को दूर करती है ।* *🔸यह श्वेत रक्तकणों की वृद्धि कर रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाती है । बवासीर, कृमि, खुजली, राजयक्ष्मा ( टी,बी,), इन्फ्लूएंजा ( एक प्रकार का शीतप्रधान संक्रामक ज्वर), मूत्राशय के रोग, टायफायड, ह्रदयरोग, कैन्सर, पेट के रोग आदि में यह लाभकारी है । संक्रामक बीमारियों की यह विशेष औषधि है ।* *🔹दालचीनी के कुछ प्रयोग🔹* *🔸१] पेट के रोग व सर्दी – खाँसी : १ ग्राम ( एक चने जितनी मात्रा ) दालचीनी चूर्ण में १ चम्मच शहद मिलाकर दिन में १ – २ बार चाटने से मंदाग्नि, अजीर्ण, पेट की वायु, संग्रहणी रोग, अफरा और सर्दी – खाँसी में लाभ होता है ।* *🔸२] ह्रदयरोग : एक ग्राम दालचीनी चूर्ण २०० मि.ली. पानी में धीमी आँच पर उबालें । १०० मि.ली. पानी शेष रहने पर उसे छानकर पी लें । इसे रोज सुबह लेने से कोलेस्ट्राँल की अतिरिक्त मात्रा घटती हैं । गर्म प्रकृतिवाले लोग एवं ग्रीष्म ऋतू में इसके पानी में दूध मिलाकर उपयोग कर सकते हैं । इस प्रयोग से रक्त की शुद्धि होती है एवं ह्रदय को बल मिलता है ।* *🔸३] स्वरभंग, खाँसी व मुँह की बदबू : दालचीनी का छोटा-सा टुकड़ा चूसने से स्वरभंग ( गला बैठना ) की विकृति नष्ट होती है व आवास खुलती है । इससे खाँसी का प्रकोप शांत होता है, मुँह की बदबू दूर होती है, मसूड़े मजबूत बनते हैं और तोतलेपन में भी लाभ होता है ।* *🔹सावधानियाँ : गर्भवती महिलाओं के लिए दालचीनी लेना निषिद्ध है । इसकी अधिक मात्रा लेने से पित्त ( उष्ण ) प्रकृतिवालों को सिरदर्द होता है । अत्यधिक मात्रा में, रात को या दीर्घकाल तक इसका सेवन करना हानिकारक है ।* *🌞 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

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Comments (10)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Dec 3, 2025

🙏‼️ Om Ganeshay Namah ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Dec 3, 2025

🙏‼️ Om Vakra tunda Mahakaya Surya koti Samaprabha 🌺 Nirvighnam Kurumedev Sarva Karyeshu Sarvada ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏 Bhagwan Shri Ganesh ji ki Aashirwad Aap or Aap ke Pure Parivar pr Hamesha Bani Rahe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Dec 3, 2025

Ji Namaste 🙏 Radhey Radhey Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Dec 3, 2025

Om Ganeshay Namah 🙏🌺🌺

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Dec 3, 2025

🙏‼️ Om Ganeshay Namah ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🌹

Riya Riya  💖💖

Riya Riya 💖💖

Dec 3, 2025

Jai shree siddhi data ganesh deva namah🙏🙏🌹🌹🙏🙏

H.S.CHAHAR

H.S.CHAHAR

Dec 3, 2025

🙏🌹ओम गं गणपतए नमः विघ्नहर्ता गणेश भगवान आपके सारे संकट हरने और आप पर खुशियों की बौछार कर दें आपका दिन मंगलमय हो हर हर महादेव 🌹🙏🕉️