
Rama Devi Sahu
2 days ago
💥 सत्संगति का फल .........✍️ 💥 एक भंवरा रोज एक फूलों के बाग में आता था, लेकिन बाग के साथ एक नाला गुजरता था। जब वह उसको पार करता था तो बदबू के मारे बहुत परेशान होता था। 💥 एक दिन भंवरा नाले के पास से गुजरा, तो उसकी नजर नाले में रहने वाले कीड़े पर पड़ी। भंवरे ने कीड़े से पूछा तुम इतनी गन्दी जगह पर कैसे रह लेते हो ? 💥 कीड़े ने कहा :-- ये मेरा घर है। 💥 भंवरे ने कहा :-- चलो मैं तुम्हें बाग की सैर कराता हूं। तुम मेरे दोस्त बन जाओ तो कल मैं तुम्हें अपने साथ बाग में घुमाने ले जाऊंगा। 💥 अगले दिन भंवरा कीड़े को अपनी पीठ पर बैठाकर बाग में ले गया। उसने कीड़े को एक फूल पर बैठा दिया और खुद फूलों पर मंडरा कर रस चूसने लगा। 💥 श्याम को वह कीड़े को साथ ले जाना भूल जाता है। और जिस फूल पर कीड़ा बैठा था, वह फूल भी रात में बन्द हो गया और कीड़ा भी उसमें बंद हो गया। 💥 अगले दिन माली आकर फूल तोडता है और उनकी माला बनाकर बिहारी जी के मंदिर भेज देता है। पुजारी ने वह माला बिहारी जी को पहना दिया। उसके बाद अगले दिन माला निकाल कर यमुना में प्रवाहित कर दी गई। 💥 कीड़ा यह सब देख रहा था। वह कहता है। वाह रे भंवरे ... तेरी दोस्त
Comments (2)

Ashutosh Pratap Singh RSS
Sep 18, 2026
जय श्री राधे कृष्ण 🙏

