
Rama Devi Sahu
301 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 02 नवम्बर 2025* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - हेमंत* *⛅मास - कार्तिक* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - एकादशी सुबह 07:31 तक, तत्पश्चात् द्वादशी प्रातः 05:07 नवंबर 03 तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी* *⛅नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद शाम 05:03 तक तत्पश्चात् उत्तर भाद्रपद* *⛅योग - व्याघात रात्रि 11:11 तक तत्पश्चात् हर्षण* *⛅राहुकाल - शाम 04:24 से शाम 05:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:33* *⛅सूर्यास्त - 05:48 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:51 से प्रातः 05:42 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:45 से रात्रि 12:36 नवम्बर 03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅️व्रत पर्व विवरण - त्रिस्पृशा देवउठी एकादशी, योगेश्वर द्वादशी, चतुर्मास समाप्त, तुलसी विवाह (नवम्बर 02 से नवम्बर 05 तक), त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग (शाम 05:03 से प्रातः 06:33 नवम्बर 03 तक)* *🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹एकादशी में क्या करें, क्या न करें ?🔹* *🌹1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें ।* *🌹2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें ।* *🌹हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l* *🌹राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।* *एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* *🌹3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।* *🌹4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।* *🌹5. एकदशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।* *🌹6. व्रत के ( दशमी, एकादशी और द्वादशी ) - इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) - का सेवन न करें ।* *🌹7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए ।आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।* *🌹8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।* *🌹9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।* *🌹10. एकादशी के दिन घर में झाड़ू नहीं लगाएं । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।* *🌹11. इस दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए ।* *🌹12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।* *🌹13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।* *🌹14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।* *🔹 इस विधि से व्रत करनेवाला उत्तम फल को प्राप्त करता है ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

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