
Rama Devi Sahu
25 days ago
पुत्रदा एकादशी सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान विष्णु का ध्यान करें। पूजा स्थान को साफ करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की तस्वीर रखें। दीपक और धूप जलाएं। भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, चंदन और फल अर्पित करें। जल हाथ में लेकर पुत्रदा एकादशी व्रत का संकल्प लें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। पुत्रदा एकादशी की कथा पढ़ें या सुनें। भगवान विष्णु की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। व्रत में फल, दूध, दही, मखाना और साबूदाना आदि फलाहार ले सकते हैं। एकादशी के दिन चावल, गेहूं, दाल और अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। अगले दिन द्वादशी में उचित समय पर पारण करके व्रत खोलें। जय श्री हरि 🙏 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🙏

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