
प्रशांत कुमार मिश्रा
3 days ago
महर्षि पराशर और 'एकचक्रा' शिव-कृपा प्रसंग (शिव पुराण - वायवीय संहिता) शिव पुराण की वायवीय संहिता में महर्षि पराशर (महर्षि वेदव्यास के पिता) की कठिन तपस्या, असुरों द्वारा उपद्रव और भगवान शिव द्वारा उन्हें 'शिव-ज्ञान' तथा अमोघ तपोबल प्रदान करने की कथा आती है। 1. महर्षि पराशर का उग्र तप प्राचीन काल में महर्षि शक्ति के पुत्र महर्षि पराशर ने एकचक्रा नगरी के पास घने वनों में भगवान शिव की आराधना आरंभ की। वे अपने पिता की अकाल मृत्यु का शोक त्यागकर केवल आशुतोष महादेव के स्वरूप का ध्यान करते थे। उन्होंने एक पारद (पारे का) शिवलिंग स्थापित किया और बिना जल पीए केवल पवन का भक्षण करते हुए सहस्र वर्षों तक 'अघोर' मंत्र का जाप किया। 2. राक्षसों का विघ्न और मुनि की शांति उस वन में निवास करने वाले भीषण असुरों को भय हुआ कि मुनि पराशर के तपोबल से उनका विनाश हो जाएगा। असुरों ने मुनि की साधना भंग करने के लिए हिंसक पशुओं, भयंकर गर्जनाओं और मायावी अग्नि का चक्र रचा। किंतु महर्षि पराशर अपने स्थान से तनिक भी नहीं डिगे। वे अपने दोनों नेत्र मूँदे शिवलिंग से लिपटे रहे और बोले: "यह शरीर नश्वर है, किंतु मेरे महादेव का नाम शाश्वत है। यदि असुर मेरा संहार भी कर दें, तो भी मेरी चेतना शिव-चरणों में ही विलीन होगी।" 3. साक्षात 'अघोरेश्वर' का प्राकट्य मुनि के भीतर का निष्काम भय और अटल निष्ठा देखकर साक्षात भगवान शिव 'अघोर' रूप में प्रकट हुए। उनके प्राकट्य से निकली तेजोमय ज्वाला ने मुनि को कष्ट देने वाले समस्त राक्षसों के तपोबल और माया को क्षण भर में भस्म कर दिया। महादेव ने अत्यंत वात्सल्य भाव से मुनि पराशर को उठाया और उनके मस्तक पर अपना हस्त-कमल रखा। 4. महापुराण रचना का अनुग्रह भगवान शिव ने महर्षि पराशर को आलिंगन में लेकर कहा: "हे पराशर! तुम्हारी क्षमा और अनन्य शिव-भक्ति से मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ। मैं तुम्हें अमर वाणी और त्रिकालदर्शिता का वरदान देता हूँ। तुम्हारे ही पुत्र के रूप में स्वयं श्रीहरि 'वेदव्यास' बनकर अवतरित होंगे, जो पुराणों का विभाग करेंगे।" महादेव के इसी वरदान के प्रभाव से महर्षि पराशर ने विष्णु पुराण और अनेक ज्योतिषीय ग्रंथों की रचना की तथा उनका वंश परम शिव-भक्तों का वंश कहलाया। 💡 कथा का आध्यात्मिक संदेश यह कथा सिखाती है कि जब साधक विपरीत परिस्थितियों और बाह्य विघ्नों के बीच भी शांत रहकर शिव-आश्रय में टिका रहता है, तो ईश्वर न केवल उसकी रक्षा करते हैं बल्कि उसकी भावी पीढ़ियों को भी महान कल्याणकारी मार्ग दिखाते हैं।

Comments (1)

Hansu parjapti Prajapati
Sep 11, 2026
har har mahadev 🔱 mahadev har 🌹👏
