
Sanjay Varman
206 days ago
🌸 विष्णु भगवान की एक सुंदर कहानी 🌸 बहुत प्राचीन समय की बात है। धरती पर अधर्म बढ़ने लगा था। लोग स्वार्थी हो गए थे, सत्य और करुणा का लोप हो रहा था। देवता चिंतित होकर भगवान विष्णु के पास वैकुण्ठ पहुँचे और प्रार्थना की— “हे पालनकर्ता! इस संसार की रक्षा कीजिए।” भगवान विष्णु ने शांत मुस्कान के साथ कहा, “जब-जब धर्म कमजोर होगा, मैं किसी न किसी रूप में अवश्य प्रकट होऊँगा।” उसी समय धरती पर एक निर्धन, लेकिन अत्यंत सच्चा ब्राह्मण रहता था। वह रोज़ भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा करता, पर उसके पास चढ़ाने को कुछ भी नहीं था—न फूल, न फल, न धन। वह केवल जल और अपने आँसू अर्पित करता। एक दिन भगवान विष्णु वेश बदलकर उसके घर पहुँचे और भिक्षा माँगी। ब्राह्मण ने घर में रखा अंतिम सूखा रोटी का टुकड़ा भी उन्हें दे दिया। प्रभु ने प्रसन्न होकर कहा, “तुम्हारी भक्ति अमूल्य है। तुम क्या वरदान चाहते हो?” ब्राह्मण बोला, “प्रभु, मुझे कुछ नहीं चाहिए। बस इतना चाहूँगा कि मेरे हृदय में सदा सत्य, दया और आपका स्मरण बना रहे।” यह सुनकर भगवान विष्णु की आँखें भर आईं। उन्होंने कहा, “जो निस्वार्थ भक्ति करता है, वही मुझे सच्चे अर्थों में प्राप्त करता है।” कहते हैं, उस दिन के बाद ब्राह्मण का जीवन सरल लेकिन आनंदमय हो गया। उसे कभी अभाव महसूस नहीं हुआ, क्योंकि उसके हृदय में स्वयं भगवान विष्णु का वास था।





Comments (1)

Rama Devi Sahu
Feb 5, 2026
Bahut hi Sundar Adhyatmik Varta 👌👌 Jai Ho Hari Vishnu ki...🙏🙏🌹
