
Rama Devi Sahu
204 days ago
🌄🌞🏹🌞🏹🌞🏹🌞🏹🌞 🏵️ 🙏🏻 *||जय श्रीराम||*🙏🏻🏵️ 🔔मित्रों, सुप्रभातम 🔔 _वरिष्ठ जनों को सादर प्रणाम_, *रविवार 🍁, 8 फरवरी*, 2026 विक्रमी संवत 2082, शक संवत 1947🎇 *फाल्गुन माह* कृष्ण पक्ष नक्षत्र: स्वाती 💫 राहु कालम: 4:43 सायं से 6:06 सायं ➰ सप्तमी तिथि *फाल्गुन माह*🌈💦 *माता शबरी ज०*🫒💐🙏🏻🏹 *कल माता जानकी जन्मो०*🔯🙏🏻 💧🪄 *पर्व मंथन*🪄💧 *🚩आज माता शबरी जन्म दिवस पर्व है। रामायण की सबसे प्रसिद्ध कथाओं में भगवान श्रीराम 🏹 द्वारा शबरी के जूठे बेर खाने वाले प्रसङ्ग के बारे में हम सभी जानते हैं। पौराणिक मान्यताओं 📚 के अनुसार फाल्गुन मास में आज के ही दिन भगवान श्रीराम ने अपनी अनन्य भक्त शबरी की आस्था और भक्ति 🙏🏻 को पूर्ण करने के लिए उनके जूठे बेर खाए थे। इसलिए इसी दिन को माता शबरी जन्मोत्सव 💫 के रूप में मनाया जाता है। इस दिन केरल के प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर में पूजा अर्चना के साथ ही बड़ा मेला 🎡 भी लगता है।* *⭐ माँ शबरी का असली नाम श्रमणा था, शबरी का संबंध भील समुदाय से था, भील समुदाय के राजकुमार से शबरी का विवाह तय हुआ था, जहां पर पशुबलि 🐃 की परंपरा थी। शबरी किसी भी प्रकार की हिंसा को पसंद नहीं करती थीं, इस कारण शबरी ने विवाह 🎊 से ठीक एक दिन पूर्व बलि के लिए आए सभी पशु-पक्षियों को चोरी छिपे मुक्त करके अपना घर छोड़ दिया और दंडकारण्य वन में रहने लगीं। इस वन में मातंग ऋषि 🍁 रहते थे, वे ऋषि की सेवा करने लगीं। वे शबरी की सेवा भावना से अत्यंत प्रसन्न हुए। एक दिन जब ऋषि मातंग 📿 को लगा कि उनका अंत समय निकट है तो उन्होंने शबरी से कहा कि वे इसी आश्रम में प्रभु श्री राम 🕉️ की प्रतीक्षा करें, वे एक दिन अवश्य ही उनसे मिलने आएंगे। इसके बाद शबरी का समय भगवान राम 🕉️ की प्रतीक्षा में बीतने लगा। प्रतिदिन भगवान श्रीराम के लिए मीठे बेर 🍒 तोड़कर लाती थीं, एक भी बेर खट्टा न हो इसके लिए वह एक-एक बेर चखकर तोड़ती थी। ऐसा करते हुए कई वर्ष 🌠 बीत गए। एक दिन माता शबरी को पता चला कि दो सुंदर युवक उन्हें खोज रहे हैं, वे समझ गईं कि उनके प्रभु श्रीराम आ गए हैं, शबरी प्रभु श्रीराम 🏹 के पास पहुंची और उन्हें आश्रम लेकर आईं तथा भगवान श्रीराम को अपने तोड़े हुए मीठे बेर 🫒 दिए। भगवान श्रीराम ने बड़े प्रेम 💖 से वे बेर खाए और अपनी भक्त शबरी की भक्ति को पूर्ण किया।* *🚩हिंदू धर्म में इस पर्व को भगवान श्रीराम के प्रति आस्था के पर्व के तौर पर भी देखा जाता है। भगवान राम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाने की कथा रामायण, भागवत 📙, रामचरित मानस, सूरसागर आदि ग्रंथों में पढ़ने को मिलती है। आज के दिन कई स्थानों पर रामायण का पाठ 📖 भी किया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम के साथ माता शबरी की पूजा-अर्चना 🌼 भी की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। पौराणिक कथाओं 📖 के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को ही भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से माता शबरी को मोक्ष 🎇 की प्राप्ति हुई थी।* 🏵️ *आप सभी को परिवार सहित माता शबरी जन्मोत्सव की मंगलमय कामनायें🙏🏻💐..!!..प्रसन्न रहें😊!! एक बार प्रेम से अवश्य कहें/लिखें🖋️ 🙌🏻 जय जय श्रीराधेकृष्णा, जय जय सियाराम*🙏🏻!! कृपा बनी रहे..!!🙌🏻💐 🕉️ *ईश्वर सदैव हमारे संग हैं* 🕉️ *🍁आपका दिन मंगलमय हो🍁* 🕉️💐🕉️💐🕉️💐🕉️💐🕉️💐🕉️💐🕉️
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Feb 8, 2026
🙏🌞 Om Surya Devay Namah 🌞🙏 Subha Ravivar 🌞 Subha Dopahar 🌹 Subha Kamanayen ke Sath Aap Hamesha Khush Rahe Swasth or Surakshit Rahe 🙏🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Feb 8, 2026
ॐ श्री सूर्य देवाय नमो नमः जगत प्रकशित करने वाले आरोग्य सूर्य देव आशीर्वाद कृपा से सपरिवार को दीर्घायु यश वैभव सुख शांति समृद्धि प्रदान हो शुभ रविवार ये शुभ दिन शुभफलदाई मंगलकारी रहे 🙏🚩🙏🚩🕉️🕉️🌺🥀🎄💐🌹
