
Haresh Chanchlani Chanchlani
237 days ago
माँ नर्मदा — जहाँ प्रवाह ही प्रार्थना है माँ नर्मदा कोई नदी नहीं है। वह जीवन की वह धारा है जो बिना शोर किए धरती, मन और आत्मा — तीनों को सींचती है। जहाँ उनका जल बहता है, वहाँ अहंकार टिक नहीं पाता और श्रद्धा अपने आप झुक जाती है। नर्मदा जयंती पर उस प्रवाह को नमन जो आज भी हमें भीतर से शुद्ध करता है। मां नर्मदा अवश्य लिखे! नर्मदे हर।
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