
Rama Devi Sahu
272 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 01 दिसम्बर 2025* *⛅दिन - सोमवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - हेमंत* *⛅मास - मार्गशीर्ष* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - एकादशी शाम 07:01 तक तत्पश्चात् द्वादशी* *⛅नक्षत्र - रेवती रात्रि 11:18 तक तत्पश्चात् अश्विनी* *⛅योग - व्यतीपात रात्रि 12:59 दिसम्बर 02 तक तत्पश्चात् वरीयान्* *⛅राहुकाल - सुबह 08:13 से सुबह 09:34 तक ( उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:51* *⛅सूर्यास्त - 05:40 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:06 से प्रातः 05:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:54 से दोपहर 12:38 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:50 से रात्रि 12:43 दिसम्बर 02 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती, व्यतीपात योग (प्रातः 04:22 से रात्रि 12:59 दिसम्बर 02 तक)* *🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹शीतकाल में बलसंवर्धनार्थ : मालिश🔹* *🔸शीतकाल बलसंवर्धन का काल है । इस काल में सम्पूर्ण वर्ष के लिए शरीर में शक्ति का संचय किया जाता है । शक्ति के लिए केवल पौष्टिक, बलवर्धक पदार्थों का सेवन ही पर्याप्त नहीं है अपितु मालिश (अभ्यंग), आसन, व्यायाम भी आवश्यक हैं )* *🔹उपयुक्त तेल : मालिश के लिए तिल का तेल सर्वश्रेष्ठ माना गया है । यह उष्ण व हलका होने से शरीर में शीघ्रता से फैलकर स्त्रोतसों की शुद्धि करता है । यह उत्तम वायुनाशक व बलवर्धक भी है । स्थान, ऋतू, प्रकृति के अनुसार सरसों, नारियल अथवा औषधसिद्ध तेलों (आश्रम में उपलब्ध आँवला तेल) का भी किया जा सकता है । सर के लिए ठंडे व अन्य अवयवों के लिए गुनगुने तेल का उपयोग करें ।* *🔸मालिश काल : मालिश प्रात:काल में करनी चाहिए । धुप की तीव्रता बढ़ने पर व भोजन के पश्चात न करें । प्रतिदिन पुरे शरीर की मालिश सम्भव न हो तो नियमित सिर व पैर की मालिश तथा कान, नाभि में तेल डालना चाहिए ।* *🔹सावधानी : मालिश के बाद ठंडी हवा में न घूमें । १५ – २० मिनट बाद सप्तधान्य उबटन या बेसन अथवा मुलतानी मिट्टी लगाकर गुनगुने पानी से स्नान करें । नवज्वर, अजीर्ण व कफप्रधान व्याधियों में मालिश न करें । स्थूल व्यक्तियों में अनुलोम गति से अर्थात ऊपर से नीचे की ओर मालिश करें ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Dec 1, 2025
Jai Shree Krishna 🙏 Geeta Jayanti or Mokshda Ekadashi Vrat ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Subha Dopahar Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sada Sarvada Bani Rahe 🙏🌹🌹

H.S.CHAHAR
Dec 1, 2025
🚩🙏🌹जय श्री राम प्रभु आपकी हर मनोकामना पूरी करें और आप अपनी कृपा बनाए रखें आपको हमेशा खुश रखें आपका दिन मंगलमय हो इसी मनोकामना के साथ हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं हे प्रभु हमारे मित्रों को हमेशा खुश रखना जय श्री राम 🙏🚩
