
Rama Devi Sahu
148 days ago
संयम का महत्व एक व्यापारी था. किसी कारणवश उसका बिजनेस पूरी तरह डूब गया और वो पूरी तरह हताश हो गया. वह अपने जीवन से बुरी तरह थक चुका था. एक दिन परेशान होकर वह जंगल में गया और काफी देर वहां अकेला बैठा रहा. कुछ सोचकर भगवान से बोला- 'मैं हार चुका हूँ, मुझे कोई एक वजह बताइए कि मैं क्यों न हताश होऊ, मेरा सब कुछ खत्म हो चुका है. भगवान ने जवाब दिया, 'तुम जंगल में इस घास और बांस के पेड़ को देखो, जब मैंने घास और इस बांस के बीज को लगाया, मैंने दोनों की देखभाल की बराबर पानी दिया, बराबर प्रकाश दिया. घास बहुत जल्दी बड़ी होने लगी और इसने धरती को हरा-भरा कर दिया, लेकिन बांस का बीज बड़ा नहीं हुआ. लेकिन मैने बांस के लिए अपनी हिम्मत नहीं हारी. दूसरे साल, घास और घनी हो गई. उस पर झाड़िया आने लगी, लेकिन बांस का बीज वैसा के वैसा ही रहा. लेकिन मैंने फिर भी बांस के बीज के लिए हिम्मत नहीं हारी. तीसरे साल भी बांस के बीज में कोई वृद्धि नहीं हुई, लेकिन मित्र मैंने फिर भी हिम्मत नहीं हारी. चौथे साल भी कुछ नहीं हुआ, लेकिन मैं लगा रहा. 5 साल बाद, उस बांस के बीज से एक छोटा-सा पौधा अंकुरित हुआ घास की तुलना में यह बहुत छोटा और कमजोर था लेकिन केवल 6 महीने बाद यह छोटा सा पौधा 100 फीट लंबा हो गया. मैंने बांस की जड़ को इतना बड़ा करने के लिए 5 साल का समय लगाया. इन 5 वर्षों में इसकी जड़ इतनी मजबूत हो गई कि 100 फिट ऊंचे बांस को संभाल लिया. सीख - जब भी जीवन में संघर्ष करना पड़े तो समझिए कि आपकी जड़ मजबूत हो रही है. संघर्ष आपको मजबूत बना रहा है जिससे आप आने वाले कल को सबसे बेहतरीन बना सको किसी दूसरे से अपनी तुलना मत करो.
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 4, 2026
🙏🏹 Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Jai Bajrangbali Hanuman 🙏 Subha Dopahar ki Ram Ram Jii 🙏🌹🌹

R k jangid phulera Jaipur
Apr 4, 2026
जय सियाराम जी 🌹🙏
