
Rama Devi Sahu
461 days ago
Vata Savitri Vrat Katha.... 🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏 वट सावित्री व्रत का इतिहास और कथा मुख्य कथा – सावित्री और सत्यवान की कथा वट सावित्री व्रत की कथा महाभारत से ली गई है। इसमें बताया गया है कि: सावित्री एक तपस्वी, पतिव्रता और अत्यंत बुद्धिमान राजकुमारी थीं। उन्होंने अपने पति के रूप में सत्यवान को चुना, जो वन में अपने अंधे पिता के साथ रहते थे। सत्यवान अल्पायु थे, लेकिन सावित्री ने यह जानने के बावजूद उनसे विवाह किया। विवाह के कुछ समय बाद, जब सावित्री को ज्ञात हुआ कि सत्यवान की मृत्यु निकट है, तो उन्होंने कठिन व्रत और तपस्या शुरू की। जिस दिन सत्यवान की मृत्यु हुई, उस दिन यमराज उसकी आत्मा को ले जाने आए। सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलती रहीं और अपनी वाक्पटुता से यमराज को प्रसन्न कर लिया। यमराज ने उसे वरदान दिया, जिसमें उसने अपने ससुर का नेत्र-ज्योति, राज्य की पुनः प्राप्ति और सौ पुत्रों की माँ बनने का वर माँगा। इस प्रकार यमराज को सत्यवान का जीवन लौटाना पड़ा। इस तरह सावित्री ने अपने पति को पुनर्जीवन दिलाया और उनका आदर्श पतिव्रता रूप आज भी पूजनीय है। वट सावित्री व्रत की विधि 1. व्रत का समय: उत्तर भारत में: ज्येष्ठ माह की अमावस्या को किया जाता है। महाराष्ट्र, गुजरात आदि में: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को किया जाता है। 2. व्रत की तैयारी: व्रती स्त्री को प्रातः स्नान कर सात्विक वस्त्र पहनने चाहिए (प्रायः लाल या पीले रंग के). विवाहिता स्त्रियाँ अपने सोलह श्रृंगार करती हैं। व्रत रखती हैं – यह निर्जला या फलाहारी हो सकता है। 3. पूजन सामग्री: वट वृक्ष की पूजा हेतु – कच्चा दूध, जल, अक्षत, रोली, मौली, पुष्प, धूप, दीप, सूखा मेवा, लाल वस्त्र, फल, पंखा, धान का लावा, कलेवा आदि। सावित्री-सत्यवान की प्रतिमा या चित्र। बांस की टोकरी में पूजन सामग्री। 4. पूजा विधि: 1. वट वृक्ष के नीचे बैठकर उसकी जड़ में जल चढ़ाएँ। 2. व्रक्ष को मौली (सूती धागा) से 108 बार परिक्रमा करें। 3. धूप, दीप, पुष्प आदि अर्पित कर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें या पढ़ें। 4. अंत में ब्राह्मण या किसी स्त्री को सवा साड़ी, चूड़ी, सिंदूर आदि का दान करें। इस व्रत का महत्व यह व्रत पति की दीर्घायु, रोग-निवारण, और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसमें स्त्रियाँ सावित्री के आदर्शों का अनुसरण करती हैं। यह व्रत नारी शक्ति, संयम, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक है #धर्म_चिंतन
Comments (3)

ILA SINHA
May 27, 2025
Radhe Radhe 🙏

Kamlesh Goyal
May 27, 2025
राधे राधे जी 🙏 शुभ दोपहर वंदन जी

Suresh Kumar
May 27, 2025
राधे राधे जी 🙏शुभ प्रभात वंदन
