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*बिंदी लगाने के 8 फायदे* 🔴 बिंदी सिर्फ श्रृंगार नहीं, सेहत और एनर्जी का भी राज़ है। *1. दिमाग शांत रखे - एक्यूप्रेशर पॉइंट* बिंदी आज्ञा चक्र यानी दोनों भौंहों के बीच लगती है। ये वही पॉइंट है जिसे दबाने से तनाव कम होता है, सिरदर्द में आराम मिलता है और फोकस बढ़ता है। *2. आंखों की रोशनी तेज* भौंहों के बीच की नसें आंखों से जुड़ी होती हैं। बिंदी लगाने से उन नसों पर हल्का दबाव पड़ता है जिससे आंखों का खिंचाव कम होता है और रोशनी बेहतर रहती है। *3. साइनस और सिरदर्द में राहत* चंदन या कुमकुम की बिंदी ठंडी होती है। गर्मी में सिर की गर्मी खींच लेती है। माइग्रेन और साइनस में बहुत आराम देती है। *4. चेहरा खिला-खिला लगे* बिंदी चेहरे का सेंटर पॉइंट हाइलाइट करती है। छोटा माथा बड़ा लगता है, बड़ा माथा बैलेंस लगता है। बिना मेकअप भी ग्लो आ जाता है। *5. बुरी नज़र से बचाव* परंपरा में माना जाता है कि भौंहों के बीच का हिस्सा एनर्जी का मुख्य द्वार है। लाल कुमकुम या काली बिंदी नेगेटिव एनर्जी और नज़र दोष से बचाती है। *6. शादीशुदा का प्रतीक - सौभाग्य* लाल बिंदी पति की लंबी उम्र और सुहाग का प्रतीक है। ये मंगल ग्रह को मजबूत करती है, रिश्तों में प्यार बढ़ाती है। *7. नींद अच्छी आए* आज्ञा चक्र एक्टिव होने से दिमाग शांत होता है। रात को चंदन की बिंदी लगाकर सोने से अनिद्रा की दिक्कत कम होती है। *8. कॉन्फिडेंस बढ़ाए* बिंदी से पूरा लुक कंप्लीट लगता है। साड़ी-सूट हो या वेस्टर्न, बिंदी लगाते ही इंडियन टच आ जाता है और सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है। *कौन सी बिंदी कब लगाएं?* - *लाल कुमकुम*: शादीशुदा, पूजा में, मंगल-शुक्रवार - *चंदन*: गर्मी में, सिरदर्द में, पूजा में - *काली बिंदी*: नज़र दोष से बचने को, छोटे बच्चे भी लगाते हैं - *स्टिकर बिंदी*: डेली यूज़, ऑफिस-कॉलेज *टिप*: केमिकल वाली स्टिकर बिंदी से स्किन पर रैशेज हों तो कुमकुम या चंदन यूज़ करें। रात को सोने से पहले बिंदी हटाकर माथा साफ कर लें।

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