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Rama Devi Sahu

2 days ago

🌺 एकादशी व्रत विधि एवं संपूर्ण नियम 🌺 रम्भा एकादशी — 05 नवंबर 2026, गुरुवार संस्कृत शब्द एकादशी का शाब्दिक अर्थ ग्यारह होता है। एकादशी पंद्रह दिवसीय पक्ष (चंद्र मास) के ग्यारहवें दिन आती है। एक चंद्र मास (शुक्ल पक्ष) में चंद्रमा अमावस्या से बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और उसके अगले पक्ष में (कृष्ण पक्ष) वह पूर्णिमा के पूर्ण चंद्र से घटते हुए अमावस्या तक जाता है। इसलिए हर कैलेंडर महीने (सूर्य मास) में एकादशी दो बार आती है—शुक्ल एकादशी जो कि बढ़ते हुए चंद्रमा के ग्यारहवें दिन आती है, और कृष्ण एकादशी जो कि घटते हुए चंद्रमा के ग्यारहवें दिन आती है। ऐसा निर्देश है कि हर वैष्णव को एकादशी के दिन व्रत करना चाहिए, इस प्रकार की गई तपस्या भक्तिमय जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी है। दशमी की रात्रि को पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें तथा भोग-विलास से भी दूर रहें। प्रात: एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें; नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उंगली से कंठ शुद्ध कर लें। वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अतः स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें। यदि यह संभव न हो, तो पानी से बारह कुल्ला कर लें। फिर स्नानादि कर मंदिर में जाकर गीता पाठ करें अथवा पुरोहितादि से श्रवण करें। प्रभु के सामने इस प्रकार प्रण करना चाहिए कि: ‘आज मैं चोर, पाखंडी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करूंगा और न ही किसी का दिल दुखाऊंगा। गौ, ब्राह्मण आदि को फलाहार व अन्नादि देकर प्रसन्न करूंगा। रात्रि को जागरण कर कीर्तन करूंगा, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जाप करूंगा, राम, कृष्ण, नारायण इत्यादि विष्णुसहस्रनाम को कंठ का भूषण बनाऊंगा।’ – ऐसी प्रतिज्ञा करके श्रीविष्णु भगवान का स्मरण कर प्रार्थना करें कि: ‘हे त्रिलोकपति! मेरी लाज आपके हाथ है, अतः मुझे इस प्रण को पूरा करने की शक्ति प्रदान करें। मौन, जप, शास्त्र पठन, कीर्तन और रात्रि जागरण एकादशी व्रत में विशेष लाभ पहुंचाते हैं। एकादशी के दिन अशुद्ध द्रव्य से बने पेय न पिएं। कोल्ड ड्रिंक्स, एसिड आदि डाले हुए फलों के डिब्बाबंद रस को न पिएं। दो बार भोजन न करें। आइसक्रीम व तली हुई चीजें न खाएं। फल अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा थोड़े दूध या जल पर रहना विशेष लाभदायक है। व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) इन तीन दिनों में कांसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन)—इनका सेवन न करें। व्रत के पहले दिन (दशमी को) और दूसरे दिन (द्वादशी को) हविष्यान्न (जौ, गेहूं, मूंग, सेंधा नमक, काली मिर्च, शर्करा और गोघृत आदि) का एक बार भोजन करें। फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए। आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए। जुगाड़ (जुआ), निद्रा, पान, पराई निंदा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितांत दूर रहना चाहिए। बैल की पीठ पर सवारी न करें। भूलवश किसी निंदक से बात हो जाए, तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा मांग लेनी चाहिए। एकादशी के दिन घर में झाड़ू न लगाएं, इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है। इस दिन बाल न कटाएं। मधुर बोलें, अधिक न बोलें; अधिक बोलने से न बोलने योग्य वचन भी निकल जाते हैं। सत्य भाषण करना चाहिए। इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें, किंतु स्वयं किसी का दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें। प्रत्येक वस्तु प्रभु को भोग लगाकर तथा तुलसीदल छोड़कर ग्रहण करनी चाहिए। एकादशी के दिन किसी संबंधी की मृत्यु हो जाए, तो उस दिन व्रत रखकर उसका फल संकल्प करके मृतक को देना चाहिए और श्रीगंगाजी में पुष्प (अस्थि) प्रवाहित करने पर भी एकादशी व्रत रखकर व्रत फल प्राणी के निमित्त दे देना चाहिए। प्राणिमात्र को अंतर्यामी का अवतार समझकर किसी से छल-कपट नहीं करना चाहिए। अपना अपमान करने या कटु वचन बोलने वाले पर भूलकर भी क्रोध न करें। संतोष का फल सर्वदा मधुर होता है। मन में दया रखनी चाहिए। इस विधि से व्रत करने वाला उत्तम फल को प्राप्त करता है। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को मिष्टान्न, दक्षिणादि से प्रसन्न कर उनकी परिक्रमा कर लेनी चाहिए। 🌺 व्रत खोलने की विधि : द्वादशी को सेवा

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Nov 5, 2026

रमाएकादशी के पावन पर्व पर भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। 🌸 🌹 राधे राधे 🌹 जय श्री हरि विष्णु 🙏

रविशंकर पटेल null

रविशंकर पटेल

Nov 5, 2026

शुभ प्रभात आपका दिन मंगलमय हो जय श्री हरि रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं🌹🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Nov 4, 2026

*🌷 रात्रि चिंतन 🌷* *🌿 जीवन में हर दिन एक जैसा नहीं होता। कभी परिस्थितियाँ हमें हँसाती हैं, तो कभी वही परिस्थितियाँ हमें मजबूत बनना सिखाती हैं। इसलिए कठिन समय में अपना धैर्य मत खोइए, क्योंकि अंधेरी रात कितनी भी लंबी हो, सुबह का उजाला अपना रास्ता बना ही लेता है।* *🪔 रात को सोने से पहले अपने मन को नफरत, चिंता और शिकायतों से मुक्त कर दीजिए। जो बीत गया, उसे अनुभव बनाइए; जो मिला है, उसके लिए आभार रखिए और जो आने वाला है, उसे प्रभु की कृपा पर छोड़ दीजिए। याद रखिए, शांत मन और निर्मल हृदय के साथ सोने वाला इंसान ही अगली सुबह नई उम्मीदों के साथ जागता है।* *॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥* *🌺🌷 शुभ रात्रि 🌷🌺*

Shah 🩷

Shah 🩷

Nov 4, 2026

Ekadashi Vrata: Thursday, 5 November; Fasting from grains. 🍎🍉🫐🍍🍇🍏 एकादशी व्रत: गुरुवार, ५ नवम्बर; अन्न सेवन से वर्जन।