
Rama Devi Sahu
230 days ago
षट्तिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की बैकुण्ठ स्वरुप में पूजा-अर्चना की जाती है। षटतिला एकादशी पर तिल का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन तिलों का प्रयोग परम फलदायी माना गया है, षटतिला एकादशी के दिन 6 प्रकार से तिलों का उपयोग किया जाता है। षटतिला एकादशी के दिन तिल का 6 प्रकार, स्नान, उबटन, आहुति, तर्पण, दान और सेवन से पापों का नाश होता है। तिलों के इस उपयोग के कारण ही इस एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है। 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी भी है, 23 साल बाद मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग बना है। इस दिन चावल, काली उड़द दाल, तिल और गुड़ का दान किया जा सकता है, पंचांग अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी 14 जनवरी की शाम 5 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो रही है।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jan 13, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️ Subha Mangalvar 🌹 Shubha Dopahar Jii ‼️🙏 🥜🥜 Happy Lohri 🥜🥜🙏

H.S.CHAHAR
Jan 13, 2026
जय श्री कृष्णा जय श्री राधे राधे
