
Rama Devi Sahu
275 days ago
. *।।राधे राधे।।* *"सकारात्मक दृष्टि"* *जीवन में बुराई अवश्य हो सकती है मगर जीवन बुरा कदापि नहीं हो सकता।* *जीवन एक अवसर है श्रेष्ठ बनने का, श्रेष्ठ करने का, श्रेष्ठ पाने का।* *जीवन की दुर्लभता जिस दिन किसी की समझ में आ जाएगी उस दिन कोई भी व्यक्ति जीवन का दुरूपयोग नहीं कर सकता।* *जीवन वो फूल है जिसमें काँटे तो बहुत हैं मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं।* *ये और बात है कुछ लोग काँटो को कोसते रहते हैं और कुछ सौन्दर्य का आनन्द लेते हैं।* *जीवन को बुरा सिर्फ उन लोगों के द्वारा कहा जाता है जिनकी नजर फूलों की बजाय काँटो पर ही लगी रहती है।* *जीवन का तिरस्कार वे ही लोग करते हैं जिनके लिए यह मूल्यहीन है।* *जीवन में सब कुछ पाया जा सकता है मगर सब कुछ देने पर भी जीवन को नहीं पाया जा सकता।* *जीवन का तिरस्कार नहीं अपितु इससे प्यार करो।* *जीवन को बुरा कहने की अपेक्षा जीवन की बुराई मिटाने का प्रयास करो, यही समझदारी है।*

Comments (3)

H.S.CHAHAR
Nov 28, 2025
🌹🚩शुभ रात्रि जी 🌹 जय श्री कृष्णा जय श्री राधे राधे जी 🙏🚩🌹

प्रेम कुमार
Nov 28, 2025
🌹🌹 जय श्री कृष्णा राधे राधे 🌹🌹 शुभ रात्रि वंदन बहना 🌹🌹

Sanjay Ahlawat
Nov 28, 2025
बहुत सुंदर प्रस्तुति दी है धन्यवाद शुभ रात्रि 🙏
