
प्रभा त्रिपाठी
382 days ago
राम।।🍁 *..अनुकूलताकी इच्छा करना ही पतन है..*✨ *श्रोता--* ऐसा कोई उपाय है, जिससे जीवनमें प्रतिकूलता आये ही नहीं ? *स्वामीजी--* नहीं। ऐसी इच्छा नहीं करनी चाहिये । *प्रतिकूलता आये तो आने दो। भगवान् से उसको सहनेकी शक्ति माँगो। जिसमें प्रतिकूलता नहीं आये, ऐसा जीवन होता ही नहीं !* किसीका भी जीवन ऐसा नहीं है। प्रतिकूलता न चाहनेपर भी आती है और अनुकूलता चाहनेपर भी चली जाती है। चाहना न सुखकी करनी है, न दुःखकी करनी है। जो आ जाय, उसीमें प्रसन्न रहना है। *अनुकूलताकी इच्छा करना ही पतन है।* सुख ही संसारमें बाँधनेवाला है । *प्रतिकूलतासे लाभ होता है-यह बात आप याद रखो तो आपको प्रतिकूलतामें दुःख नहीं होगा।* सन्त-महात्मा प्रतिकूलतामें प्रसन्न रहते हैं। जितनी आदत शुद्ध होती है, स्वभाव निर्मल होता है तो वह प्रतिकूलतासे होता है। प्रतिकूलतासे जीवन शुद्ध, निर्मल हो जाता है। जो अच्छे-अच्छे पण्डित होते हैं, वे दुःख पाये हुए होते हैं। *राम !....................राम !!....................राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *ईस्वर अंस जीव अबिनासी* पृष्ठ १०९

Comments (1)

Saumya Sharma
Aug 13, 2025
ॐ गं गणपतए नमः 🙏🌹☺️ शुभ मंगलकामनाओं के साथ शुभ संध्या वंदन बहना जी 🙏🌹☺️ बप्पा की कृपा से आप सदैव सपरिवार स्वस्थ और खुश रहें 🙏🌹☺️ आपका दिन शुभ व मंगलमय हो 🙏🌹☺️
