
Rama Devi Sahu
245 days ago
हे रघुनंदन, हे मर्यादा पुरुषोत्तम, सुन लो मेरी पुकार, चरणों में तेरे बीते जीवन, कर दो भव से पार। तेरे नाम में वो शक्ति है, जो पत्थर को भी तार दे, मेरे मन के इस अंधियारे को, अपनी भक्ति से निखार दे। सत्य की राह पर चलना सिखाओ, जैसे चले थे तुम, हर मुश्किल में धैर्य बना रहे, बस यही माँगे हम।

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