
Rama Devi Sahu
2 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* 🌤️ *दिनांक - 04 अक्टूबर 2026* 🌤️ *दिन - रविवार* 🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌤️ *शक संवत -1948* 🌤️ *अयन - दक्षिणायन* 🌤️ *ऋतु - शरद ॠतु* 🌤️ *मास - आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)* 🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 🌤️ *तिथि - नवमी 05 अक्टूबर रात्रि 03:53 तक तत्पश्चात दशमी* 🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 12:13 तक तत्पश्चात पुष्य* 🌤️ *योग - परिघ दोपहर 12:32 तक तत्पश्चात शिव* 🌤️ *राहुकाल - शाम 04:55 से शाम 06:24 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 06:31* 🌤️ *सूर्यास्त - 06:22* 👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण - नवमी का श्राद्ध,सौभाग्यवती का श्राद्ध,रविपुष्य योग (मध्यरात्रि 12:13 से 05 अक्टूबर सूर्योदय तक)* 🚩 *विशेष- नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)* 💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।* 🌷 *अश्विन माह* 🌷 🙏🏻 *अश्विन हिन्दू धर्म का सप्तम महिना है। अश्विन नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम अश्विन पड़ा (अश्विनीनक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः)। आश्विन मास का संबंध अश्विनौ से है जो सूर्य के दो पुत्र हैं और देवताओं के चिकित्सक हैं। इस मास का एक नाम क्वार भी है। उत्तर भारत हिन्दू पंचांग के अनुसार अश्विन का आरम्भ हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी भाद्रपद मास चल रहा है) ।* 🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “तथैवाश्वयुजं मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। प्रज्ञावान्वाहनाढ्यश्च बहुपुत्रश्च जायते।।” जो अश्विन मास को एक समय भोजन करके बिताता है, वह पवित्र, नाना प्रकार के वाहनों से सम्पन्न तथा अनेक पुत्रों से युक्त होता है ।* 🌷 *आश्विने भौमावास्याम जायते खलु पार्वती। विविध विपदाम धनक्षयं पापाचारम वर्धते।।* 🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व के अनुसार जो अश्विन मास में ब्राह्माणों को घृत दान करता है, उस पर दैव वैद्य अश्विनीकुमार प्रसन्न होकर उसे रूप प्रदान करते हैं ।* 🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार अश्विन में धान्य दान करने से अन्न तथा धन की वृद्धि होती है।* 🙏🏻 *अग्निपुराण के अनुसार अश्विन के महिने में गोरस- गाय का घी, दूध और दही तथा अन्न देनेवाला सब रोगों से छुटकारा पा जाता है |* 🌷 *आश्विने कृष्णपक्षे तु षष्ठ्यां भौमेऽथ रोहिणी । व्यतीपातस्तदा षष्ठी कपिलानन्तपुण्यदा ।।* 🙏🏻 *अश्विन महिने के कृष्णपक्ष की षष्ठी के दिन मंगलवार, रोहिणी नक्षत्र और व्यतिपात हो तो वह अनंत पुण्य देने वाला कपिला षष्टी योग कहा जाता है। यह योग बहुत दुर्लभ है।* 🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार सती ने अश्विन मास में नंदा (प्रतिपदा, षष्ठी और एकादशी) तिथियों में भक्तिपूर्वक गुड़, भात और नमक चढाकर भगवान शिवका पूजन किया और उन्हें नमस्कार करके उसी नियम के साथ उस मास को व्यतीत किया |* 🙏🏻 *अश्विन कृष्णपक्ष को पितृपक्ष महालय के नाम से जाना जाता है जिसमें पितृ ऋण से मुक्त होने तथा पितरों को तृप्त करने के उद्देश्य से श्राद्ध किया जाता है।* 🌷 *पितृ पक्ष* 🌷 🙏🏻 *अभी पितृ पक्ष चल रहा है | अपने घर के लोग जो गुजर गये हैं | उनकी आत्मा को शांति देने के लिए इतना जरूर करें कि अब सर्व पितृ अमावस्या आयेगी, (10 अक्टूबर 2026 शनिवार को ) उस दिन गीता के 7 अध्याय का पाठ करें सूर्य भगवान के सामने जल और अन्न ले जाकर प्रार्थना करें कि: "हे सूर्यदेव, यमराज आपके पुत्र हैं, हमारे घर के जो भी गुजर गये उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, आज के गीता के पाठ का पुण्य उनके लिए दीजिये" पितृ गण राजी होंगे, घर में अच्छी संतान जन्म लेगी यह सर्व पितृ अमावस्या के दिन जरूर करें।* *🌞~ हिन्दू पंचांग ~🌞*

Comments (6)

Rama Devi Sahu
Oct 4, 2026
ॐ घृणि सूर्या नमः 💥 शुभ रविवार 🌅💥🌺राधे राधे 🙏 कृष्ण प्रभात वंदन 🌅 Ji 🙏🌹

Jaganath Singh
Oct 4, 2026
om surya devaye namaha 🙏 शुभ प्रभात वंदन 🙏

Rama Devi Sahu
Oct 4, 2026
सुप्रभात वंदन 🙏 जय श्री राधे राधे कृष्णा जी 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Oct 4, 2026
ॐ घृणि सूर्या नमः 💥 शुभ रविवार 🌅💥🌺🧿💓🙏🚩

Dr Anurag Prajapati
Oct 4, 2026
जय श्री कृष्णा दीदी

Shah 🩷
Oct 4, 2026
ओम सूर्याय नमः 🌄 शुभ प्रभात 🌄
