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बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर (10,279 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है। यह भगवान विष्णु को समर्पित भारत के चारधाम और छोटे चारधाम का प्रमुख तीर्थ है। अलकनंदा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर नर और नारायण पर्वतों के बीच बसा है, जबकि इसके पीछे भव्य नीलकंठ पर्वत इसकी दिव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य को और भी अद्भुत बनाता है। बद्रीनाथ यात्रा सामान्यतः हरिद्वार → ऋषिकेश → देवप्रयाग → श्रीनगर → रुद्रप्रयाग → कर्णप्रयाग → नंदप्रयाग → चमोली → पीपलकोटी → जोशीमठ → पांडुकेश्वर → बद्रीनाथ धाम मार्ग से सड़क द्वारा की जाती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पंच प्रयागों में से कई पवित्र संगमों के दर्शन करते हुए हिमालय की मनमोहक घाटियों और अलकनंदा नदी के साथ आगे बढ़ते हैं। धाम पहुँचने पर श्रद्धालु सबसे पहले तप्त कुंड में स्नान करते हैं, फिर भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करते हैं। मंदिर के निकट ब्रह्म कपाल, जहाँ पितृ तर्पण किया जाता है, तथा माणा गाँव, जिसे भारत का अंतिम गाँव कहा जाता है, प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। माणा में स्थित भीम पुल, व्यास गुफा और गणेश गुफा भी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। कैसे पहुँचें: निकटतम हवाई अड्डा: जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून (लगभग 310 किमी) निकटतम रेलवे स्टेशन: ऋषिकेश और हरिद्वार सड़क मार्ग: हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और उत्तराखंड के प्रमुख शहरों से नियमित बस और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध हैं।

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