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Rama Devi Sahu

327 days ago

आज कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में छठ महापर्व के रूप में जाना जाता है. यह पर्व भगवान सूर्य और इस पावन तिथि की देवी षष्ठी यानि छठी मैया को समर्पित है. लोक-आस्था से जुड़े इस पावन पर्व के तीसरे दिन आज आस्थावान लोग पूरे दिन निर्जल व्रत रखते हुए शाम के समय सूर्यदेव को संध्या अर्घ्य देकर अपने परिवार और संतान की मंगलकामना करेंगे.

Comments (6)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 27, 2025

Aap Kanha Rahte Ho...? Hna, Hamare Odisha me bhi nhi Mante..ye Bihar ka Mukhya Parv hai...!!

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar

Oct 27, 2025

ji hmare yha nhi mnate

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 27, 2025

🙏 क्यों ये छठ जरुरी है.. ये छठ जरुरी है … धर्म के लिए नहीं … समाज के लिए नहीं. जरुरी है - हम आप के लिए जो अपनी जड़ों से कट रहे हैं. उन बेटों के लिए जिनके घर आने का ये बहाना है. उस माँ के लिए जिन्हें अपनी संतान को देखे महीनों हो जाते हैं. उस परिवार के लिये जो टुकड़ो में बंट गया है. ये छठ जरुरी है उस नई पौध के लिए जिन्हें नहीं पता कि दो कमरों से बड़ा भी घर होता है. उनके लिए जिन्होंने नदियों को सिर्फ किताबों में ही देखा है. ये छठ जरुरी है उस परंपरा को ज़िंदा रखने के लिए जो समानता की वकालत करता है. जो बताता है कि बिना पुरोहित भी पूजा हो सकती है. जो सिर्फ उगते सूरज को ही नहीं डूबते सूरज को भी प्रणाम करता है. ये छठ जरुरी है गागर निम्बू और सुथनी जैसे फलों को जिन्दा रखने के लिए. सूप और दउरा को बनाने वालों के लिए. ये बताने के लिए कि इस समाज में उनका भी महत्व है. ये छठ जरुरी है उन दंभी पुरुषों के लिए जो नारी को कमज़ोर समझते हैं. ये छठ जरुरी है … बेहद जरुरी. अंत में आप सभी को आस्था के इस पावन पर्व छठ की 💐 हार्दिक शुभकामनाएं 💐 ___________________________ 🌹 *꧁!! राम राम जी !!꧂*🌹 .