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_पित्त होने के कारण क्या हैं?_ _गलत आहार:_ तेलकट, तीखा, मसालेदार 🍝 पदार्थ, लाल मांस, इस प्रकार के अन्नपदार्थ खाने से पित्त होकर छाती में जलन होती है। _अपेय पान:_ आयुर्वेद में अपेय पान वर्ज्य कहा गया है। चाय, कॉफी ☕, अल्कोहल, निकोटिन युक्त पदार्थ यानी दारू, सिगरेट लगातार सेवन करने से पित्त बढ़ता है। _धूप सहन न होना:_ यदि आप तेज धूप में 🌞 काम कर रहे हैं और आपके शरीर को धूप सहन नहीं हो रही है, तो शरीर में पित्त बढ़ने लगता है। _भावनात्मक तनाव:_ किसी भी चीज का अधिक विचार करके भावनात्मक तनाव आने पर पित्त दोष उत्पन्न होता है। _पित्त का त्रास कम करने के लिए कुछ घरेलू उपाय_ _अमृत फल आँवला:_ चवीला तुरट ऐसा आँवला कफ और पित्त प्रकोप कम करने वाला है। इसमें विटामिन सी अन्ननलिका, पेट स्वच्छ रखता है। पित्त का त्रास 😖 हो रहा हो तो कच्चा आँवला थोड़ा नमक लगाकर खा सकते हैं। आँवले का चूर्ण बनाकर कोमट पानी 🚰 से ले सकते हैं। यह उपाय कुछ दिन सुबह करने से पित्त विकार कम होता है। _मूंग और चावल:_ यदि आपको पित्त होने से भूख नहीं लग रही है या जलन हो रही है, जिससे क्या खाएं, कौन सा आहार 🥙 लें, यह समझ नहीं आ रहा है, तो मूंग का साधा वरण और भात उस पर घी डालकर कुछ दिन लें। मूंग पित्तशामक है। साथ ही साधा मूंग और चावल का नीर डोसा भी खा सकते हैं। तीखा, मसालेदार पदार्थ खाना टालें। _उष्ण अदरक और रसदार नींबू:_ हमारे मन में आएगा अदरक उष्ण तीखा है, लेकिन पहले से ही अदरक का पित्तशामक के रूप में उपयोग होता है। अदरक में तीखा पाचक रस पित्त को कम 📉 करता है। नींबू का रस इसमें विटामिन सी से पित्तशय स्वस्थ होता है। भोजन में अदरक लें। साथ ही अदरक का टुकड़ा किसकर नमक, नींबू 🍋 का रस, थोड़ी चीनी डालकर यह सरबत चम्मच से थोड़ा-थोड़ा पिएं। _कोकुम:_ आमसूल या कोकुम कुछ घरों में आसानी से उपलब्ध होता है। इसमें भी प्रचुर विटामिन 🛡️ सी होता है। कोकुम सरबत या आमसूल सेवन करके पित्त शांत होता है। _ठंडा दूध:_ ठंडा दूध बढ़ी हुई जलन कम करता है। थोड़ा ठंडा दूध 🥛 थोड़ी चीनी डालकर पीने से पित्त कम होता है। छाती और पेट की जलन बंद होती है। _पका केला:_ केले से शरीर को बहुत अधिक पोटैशियम मिलता है। इससे 🍌 केला खाने से पेट की आम्ल निर्माण प्रक्रिया मंद होती है। साथ ही शरीर को फायबर मिलता है, जो पाचन क्रिया को तेज करता है। _अपना स्वास्थ्य अपने हाथ में 🧘‍♀️🌹_

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