
Rama Devi Sahu
147 days ago
सच्चा अमृत: कहाँ खोज रहे हो? ✨ क्या आप जानते हैं कि जिस शांति और आनंद की तलाश में हम पूरी दुनिया छान मारते हैं, वह असल में हमारे भीतर ही छिपा है? 🧘♂️ संत-महात्मा समझाते हैं कि असली अमृत बाहर के किसी तीर्थ, जल या पदार्थ में नहीं है। परमात्मा ने 'नाम' का वो अनमोल अमृत हर जीव के भीतर, हमारे 'दसवें द्वार' (मस्तक के मध्य) में रखा है। जैसे कस्तूरी मृग अपनी ही खुशबू के लिए जंगलों में भटकता रहता है, वैसे ही हम भी बाहर भटक रहे हैं। जबकि वो अमृत की धारा तो हर समय हमारे अंदर बरस रही है। 💧🙏 ✅ आज ही संकल्प लें: बाहर की दौड़ छोड़ें, अंदर की ओर मुड़ें। 'शब्द' के उस रस को पहचानें और अपने जीवन को अमर आनंद से भर लें। "अंदर मुड़ो, शब्द का रस पियो और अमर हो जाओ।"

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 5, 2026
Good Morning 🌞 Radhey Radhey Jii 🌹🌹

vijay kushwaha
Apr 5, 2026
जय श्री राधे कृष्ण
