
Rohit Patel
316 days ago
🍁🛕🌺👏~•ॐ•~👏🌺🛕🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🔱 हर हर महादेव घर घर महादेव 🙏 🌈 *दिनांक - 18 अक्टूबर 2025* 🌈 *दिन - शनिवार* 🌈 *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)* 🌈 *शक संवत -1947* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - शरद ॠतु* 🌈 *मास - कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन* 🌈 *पक्ष - कृष्ण* 🌈 *तिथि - द्वादशी दोपहर 12:18 तक तत्पश्चात त्रयोदशी* 🌈 *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी शाम 05:41 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी* 🌈 *योग - ब्रह्म 19 अक्टूबर रात्रि 01:48 तक तत्पश्चात इन्द्र* 🌈 *राहुकाल - सुबह 09:29 से सुबह 10:57 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:36* 🌈 *सूर्यास्त - 06:10* 🌞🙏🌞🙏🌞🙏🌞 🕉️⏭️ *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण - शनिप्रदोष,व्रत,धनतेरस,यम दीपदान,भगवान धन्वंतरि जयंती आयुर्वेद दिवस* ✨ *विशेष द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🚩🙏🚩🙏🚩🙏🚩🙏🚩 🍁 *नरक चतुर्दशी* 🍁 ⏩ *19 अक्टूबर 2025 रविवार को नरक चतुर्दशी, काली चौदस गुजरात), नरक चतुर्दशी (रात्रि में मंत्रजप से मंत्रसिद्धि), 20 अक्टूबर, सोमवार को नरक चतुर्दशी (तैलाभ्यंग स्नान) ।* 🙏🏻 *नरक चतुर्दशी के दिन चतुर्मुखी दीप का दान करने से नरक भय से मुक्ति मिलती है । एक चार मुख ( चार लौ ) वाला दीप जलाकर इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिये –* ⚜️ *” दत्तो दीपश्वचतुर्देश्यां नरकप्रीतये मया ।* *चतुर्वर्तिसमायुक्तः सर्वपापापनुत्तये ॥“* 🕉️⏭️ *( नरक चतुर्दशी के दिन नरक के अभिमानी देवता की प्रसन्नता के लिये तथा समस्त पापों के विनाश के लिये मै चार बत्तियों वाला चौमुखा दीप अर्पित करता हूँ।)* 🙏🏻 *यद्यपि कार्तिक मास में तेल नहीं लगाना चाहिए, फिर भी नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। 'सन्नतकुमार संहिता' एवं धर्मसिन्धु ग्रन्थ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है। जो इस दिन सूर्योदय के बाद स्नान करता है उसके शुभकर्मों का नाश हो जाता है।* 🪷🪻🪷🪻🪷🪻🪷🪻🪷 🍁*दिवाली में करने योग्य* 🍁 ⏩ *१. श्री सुरेशानंदजी ने कहा है की दीपावली के दिन श्री राम अयोध्या आए थे, तो हमारे जीवन में भी श्री राम (ज्ञान), सीताजी (भक्ति) और लक्ष्मणजी (वैराग्य) आए |* ⏩ *२. दीपावली के दिन रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है |* ⏩ *३. दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलायें, तो परिवार में तीनों तापों से रक्षा होती |* ⏩ *४. हर अमावस्या को (और दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं, और अच्छी आत्माएं घर में जन्म लेती हैं.* ⏩ *५. नूतन वर्ष के दिन (दीपावली के अगले दिन ), गाय के खुर की मिट्टी से, अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी |* ⏩ *६. दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलायें, तो बहुत शुभ माना जाता है |* 🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸 🍁 *काली चौदसः नारकीय यातनाओं से रक्षा* 🍁 🕉️ *नरक चतुर्दशी (काली चौदस) के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। 'सनत्कुमार संहिता' एवं 'धर्मसिंधु' ग्रंथ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है।* 🕉️ *काली चौदस और दीपावली की रात जप-तप के लिए बहुत उत्तम मुहूर्त माना गया है। नरक चतुर्दशी की रात्रि में मंत्रजप करने से मंत्र सिद्ध होता है।* 🕉️ *इस रात्रि में सरसों के तेल अथवा घी के दिये से काजल बनाना चाहिए। इस काजल को आँखों में आँजने से किसी की बुरी नजर नहीं लगती तथा आँखों का तेज बढ़ता है।* 🪔📿🙏🪔📿🙏🪔📿🙏 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏


Comments (2)

Rohit Patel
Oct 18, 2025
जी सौम्या बहन जी आप को भी ढेर सारी शुभकामनाएं जी 🌹💐💞💞💞

Saumya Sharma
Oct 18, 2025
जय माता लक्ष्मी जी 🙏 जय कुबेर जी 🙏 जय धनतेरस 🙏🌹☺️ धनतेरस पर्व की आपको हार्दिक बधाई और अनेकानेक शुभकामनाएं 🙏 🌹☺️ माता रानी और धनकुबेर जी की कृपा से आपके जीवन में धन, वैभव और सुख समृद्धि निरंतर बढ़ती रहे 🙏 इसी शुभकामना के साथ सुप्रभात वंदन भाई जी 🙏🌹☺️
