
Rama Devi Sahu
141 days ago
‼️श्री राधासुधानिधि श्लोक:-२५२‼️ 🧡श्री राधिकायै नमः 🧡 स्पृष्ट्वा स्पृष्ट्वा मृदुकरतलेनाङ्गमङ्गं सुशीतम् सान्द्रानन्दामृतरसहदे मज्जतो माधवस्य! अक्के पङ्केरुहसुनयना प्रेममूर्तिः स्फुरन्ती गाढाश्लेषोन्नमितचिबुका चुम्बिता पातु राधा !! भावार्थ:- 'श्रीराधा' से रक्षा की प्रार्थना! श्रीकृष्ण अपने कोमल करकमल से श्रीजी के अत्यन्त शीतल सभी अङ्ग-प्रत्यंगों के बार-बार स्पर्श द्वारा घनीभूत आनन्दामृत रससागर में मग्न हो जाते हैं और जो अपने प्रियतम की गोद में विराजिता हैं, गाढ़ आलिङ्गन के कारण जिनका चिबुक कुछ ऊपर उठ गया है; जिससे श्रीकृष्ण ने उसका चुम्बन किया है, इससे वे और चञ्चल हो उठी हैं; वह कमलदललोचनी प्रेममूर्ति 'श्रीराधा' हम सब की रक्षा करें! . 🌹श्री राधे कीजे कृपा की कोर 🌹
Comments (6)

Rama Devi Sahu
Apr 10, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubh Ratri Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Apr 10, 2026
🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Apr 10, 2026
Ji Namaste 🙏 Shubha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Radhe 🌹
Apr 10, 2026
Radhe Radhe Ji 🙏🌷 Good Night Ji 🙏

R k jangid phulera Jaipur
Apr 10, 2026
जय श्री राधे राधे🙏

R k jangid phulera Jaipur
Apr 10, 2026
जय श्री राधे कृष्णा जी🙏
