
Rama Devi Sahu
75 days ago
॥ श्री राधा-माधव ॥ ज़िंदगी में जब सब रास्ते बंद दिखने लगें, तो याद रखिए कि श्री जी का द्वार हमेशा खुला है। जहाँ राधा नाम की मिठास घुलती है, वहाँ कान्हा की करुणा खुद-ब-खुद बरसने लगती है। राधा नाम की नौका बनाकर, जो बैठा पतवार। ताको श्याम कन्हैया खुद ही, ले जावें भव पार॥ जब तक साँस में साँस है, लाडली जय जी के चरणों से जुड़े रहिए। जिसके सिर पर राधा रानी का हाथ है, उसके जीवन में कभी अँधेरा हो ही नहीं सकता। सदा मस्त रहिए और भाव से कहिए... राधे-राधे! 🌸🙏
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
