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राम।।🍁 *..सुख को लात मारो..*✨ *श्रोता--* भगवान् का अंश शुद्ध चेतन आत्मा कैसे मायाके वशमें हो गया ? ऐसी कौन-सी शक्ति है, जिसने इसको मायाके वशमें डाल दिया ? अब हम कैसे इससे मुक्त हों? *स्वामीजी--* आदमी ठगके वशमें हो जाता है तो ठग कोई विशेष जानकार नहीं होता। विशेष जानकार न होते हुए भी वह बड़े-बड़े लखपति-करोड़पतिको भी ठग लेता है ! इसी तरहसे मायाका जाल है, जिससे जीव ठगाईमें आ जाता है। *ठगाईमें आनेका कारण है कि उसके भीतर सुखका लोभ होता है।* सुखका वहम होता है, पर पूरा सुख मिलता नहीं। एक विशेष ध्यान देनेकी बात है कि *अगर आप साधनमें ऊँचा बढ़ना चाहते हो तो सुखको लात मारो! मनमें सुखकी लोलुपता रहेगी तो ऊँचे नहीं बढ़ोगे ।* साधनमें ऊँचा न बढ़नेका कारण सुखका लोभ है। सुखकी लोलुपता साधनमें बहुत बाधक है... बहुत बाधक है !! त्यागका भी एक सुख होता है, जो इतना बाधक नहीं होता; परन्तु उस सुखकी भी लोलुपता नहीं करनी है। त्यागका भी सुख लेनेसे साधक अटक जाता है ! *त्यागका सुख ऊँची स्थिति नहीं होने देता । अच्छे-अच्छे साधकोंको भी अटका देता है ! इसलिये सुख-लोलुपतासे बचो।* सुख मिले चाहे न मिले, भगवान् याद रहने चाहिये। जितने भगवान् याद रहेंगे, उतना आपको लाभ होगा। *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *ईश्वर अंस जीव अबिनासी* पृष्ठ १४२

Comments (3)

deepuraghav

deepuraghav

Jun 17, 2025

dee a good news of all songs in english for instagram in english for kids in hindi kiss

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jun 17, 2025

Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Subh Dopahar Jii 🙏🌹🌹

Deepak  karki

Deepak karki

Jun 17, 2025

🙏🌹Ram Ram ji 🌹🙏