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🔸 चौपाई कामदगिरि भै राम प्रसादा। सुजस सुगंध सिन्धु अगाधा॥ 🔸 अर्थ (भावार्थ) जहां भगवान कामतानाथ विराज मान हैं! वह कामदगिरि पर्वत बहुत ही पवित्र स्थान है जहाँ पर प्रभु श्रीराम का प्रसाद प्राप्त है। यह पर्वत भगवान राम के यश, तेज, महिमा और पुण्य-गंध का एक अथाह सागर है। अर्थात— कामदगिरि वह पर्वत है जिसे श्रीराम ने अपने चरणों से पवित्र किया। यहाँ की वायु, धूल, परिक्रमा—सब रामकृपा का अनंत सागर है। इसका यश और पवित्रता इतनी अधिक है कि इसे मापना संभव नहीं। #kamtanath #MohitTiwari #today #Chitrakoot #न्यूज़ #shrikamtanathji

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