
प्रभा त्रिपाठी
452 days ago
राम।।🍁 *..भगवान् को सच्चा प्रेम चाहिये..*✨ *आप तत्त्वज्ञ हो सकते हो, जीवन्मुक्त हो सकते हो, पर भगवान् मिल जायँ-- यह बात नहीं है।* भगवान्के मिलनेकी बात निराली है! भगवान्की बात ज्ञानी भी समझ नहीं सकते ! तत्त्वज्ञ, जीवन्मुक्तमें भी भगवान् को समझनेकी ताकत नहीं है ! परन्तु गायकी हुंकारसे भी भगवान् आ जाते हैं! भगवान् क्या हैं, समझते नहीं! *श्रोता - क्या भगवान्के मनमें भी हमसे मिलनेकी लालसा होती है ?* *स्वामीजी--* बड़ी भारी लालसा होती है! उनके जैसी लालसा किसीकी नहीं है! उनके मनमें सबसे मिलनेकी लालसा है। उस लालसाके कारण ही आप किसी भी परिस्थितिमें टिकते नहीं, टिक सकते नहीं! *भगवान् बहुत विचित्र हैं ! वे एक गायको, बछड़ेको दर्शन दे देंगे, पर बड़े सन्त-महात्मा, तत्त्वज्ञ, जीवन्मुक्तको दर्शन नहीं देंगे! उनको सच्चा प्रेम चाहिये।* नकली प्रेमसे आप मर जाओ तो भी आयेंगे नहीं! सच्चा प्रेम हो तो वे आ जायँगे। प्रेमके कारण उन्होंने करमाबाईका खीचड़ खा लिया ! प्रेम सबसे विलक्षण है। *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *मैं नहीं, मेरा नहीं* पृष्ठ १५९
Comments (3)

Rama Devi Sahu
Jun 4, 2025
Bahut hi Sundar Barta 👌👌 Bhagwan Bhav ki Bhukh hai...!!!! Radhey Radhey 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 4, 2025
Ram Ram Jii 🙏🌹🌹

विद्या सागर शुक्ल
Jun 4, 2025
जीवन मंत्र, मैं नहीं,मेरा नहीं, इस मन्त्र कोई भी व्यक्ति समझना ही नहीं चाहता है,जब कि सच्चाई यही मन्त्र है, जानकारी देने के बारम्बार प्रणाम।
