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राम।।🍁 *..भीतरसे यह बात पक्की रखो कि..*✨ *नाम लेना कोई बड़ी चीज नहीं है, भगवान्‌को अपना मानना बड़ी चीज है। चाहे नाम लेकर अपना मानो, चाहे नाम न लेकर अपना मानो, जैसी आपकी मरजी !* हमने ऐसे भक्त साधु भी देखे हैं। हमारे सहपाठी चिम्मनरामजी थे। वे बहुत नामजप किया करते थे। एक बार वे भगवान् से रूठ गये कि अब भगवान् का नाम नहीं लेंगे! उनको कोई नाम सुनाता तो वे चिढ़ जाते! वे बीमार थे तो बुलानेपर मैं रतनगढ़ गया। स्टेशनपर चक्रधरजी आये तो मेरेसे कहा कि उनके आगे भगवान्‌का नाम मत लेना, नहीं तो वे चिढ़ जायँगे ! मृत्युसे एक-दो दिन पहले चिम्मनरामजीने गोस्वामी चिम्मनलालजीसे कहा कि मेरेको पद सुनाओ- *'जा दिन ते देखे इन नयना, मोहन बाँधे पाग लटपटी। ता दिन ते मोहि अधिक सटपटी'*। यह पद सुनकर बोले कि पहले भगवान् से हमारा विरोध था, पर आज भगवान् से हमारी सन्धि हो गयी! अगर आप भी ऐसा पक्का विचार कर लो कि आठ पहर भगवान्‌का नाम नहीं लेंगे तो आप रह नहीं सकोगे ! आपको बार-बार भगवान्‌की याद आयेगी ! जबर्दस्ती याद आयेगी ! *सेवा सबकी करो, पर भीतरसे यह बात पक्की रखो कि केवल भगवान् अपने हैं।* सिवाय भगवान्‌के हमारा कोई नहीं है, कभी नहीं है। पर सेवा करनेके लिये सब हमारे हैं। *राम !....................राम !!....................राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *ईस्वर अंस जीव अबिनासी* पृष्ठ ९९

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Comments (1)

कमल तिवारी

कमल तिवारी

Jul 3, 2025

ॐ श्री परमात्माने नमः 🙏