
Rama Devi Sahu
45 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 16 जुलाई 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - द्वितीया सुबह 08:52 तक तत्पश्चात् तृतीया* *⛅नक्षत्र - अश्लेशा शाम 07:52 तक तत्पश्चात् मघा* *⛅योग - सिद्धि मध्यरात्रि 01:22 तक तत्पश्चात् व्यतीपात* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:14 से दोपहर 03:54 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:50* *⛅सूर्यास्त - 07:15 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:26 से प्रातः 05:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:06 से दोपहर 01:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:54 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - कर्क संक्रांति (पुण्यकाल - दोपहर 12:33 से सूर्यास्त तक), व्यतीपात योग (मध्यरात्रि 01:22 से रात्रि 10:46 जुलाई 17 तक), जगन्नाथ रथ यात्रा* *🌥️विशेष - तृतीया को परवल खाने से शत्रुओं की वृद्धि होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🕉️ ब्रह्मजगदेकताप्रति0 नाम सर्ग 257📜* *🔴 रामजी ने पूछा, हे भगवन्🙏! जिसमें सर्व अनुभव👁️ होता है उसके देह में अहंप्रत्यय किस प्रकार होती है? वह तो सर्वात्मा✨ है उस सर्वात्मा को एक देह में अहंप्रत्यय क्यों कर होती है - और काष्ठ🪵 पाषाण🪨 पर्वत⛰️ और चैतन्यता का अनुभव किस प्रकार हो गया है वह तो अद्भुत स्वरूप है उसमें जड़ चैतन्य ये दोनों भेद कैसे हुए?* *🔴 वशिष्ठजी बोले, हे रामजी! जैसे शरीर💪 में हाथ आदिक अपने अंग हैं और उन सब अंगों में एक शरीर फुरना व्यापा हुआ है पर जो उन अंगों में एक अंग को पकड़कर कहे कि नाम ले कौन है तब वह अपना नाम कहता है तो तुम देखो कि उस एक अंग में अपना आप कहा परन्तु सर्व अंगों में उसकी आत्मता तो नाश💥 नहीं हो जाती है तैसे ही आत्मा🌟 अनुभव है तो एक अंग में उसकी आत्मता होते हुए सर्वात्मता खण्डित तो नहीं हो जाती?* *🔴 जैसे पत्र🍂, फूल🌸, फल🍎 और टहनी आदिक सर्व अंग में वृक्ष🌳 एक ही व्यापा हुआ है परन्तु जो एक टहनी अथवा पत्र को पकड़कर कहता है कि यह वृक्ष है तो इसके एक अंग में वृक्षभावना कहना वृक्ष का सर्वात्मभाव नष्ट नहीं होता, तैसे ही सर्वात्मा का एक देह में अहंभाव👤 सिद्ध होता है जड़ और चैतन्य🔆 भी दोनों भाव एक ही ने धारे हैं और एक ही के दोनों स्वरूप हैं |* *🔴 जैसे एक ही शरीर में दोनों सिद्ध होते हैं और हाथ, पाँव👣 आदिक जड़ हैं और नेत्र👀 इसके दृष्टाचेतन हैं सो एक ही शरीर दोनों हैं दोनों एक ही शरीर के स्वरूप हैं तैसे ही एक आत्मा ने दोनों धारे हैं और एक ही के स्वरूप हैं | जैसे वृक्ष अपने अंग को धारता है और वृक्ष स्वभाव को भी धारता है तैसे ही सर्वात्मा सर्व को धारता है |* *🔴 जैसे स्वप्ने💭 की सृष्टि🌱 को अनुभव ही धारता है और सर्वक्रिया⚙️ को भी धारता है, तैसे ही आत्मसत्ता सर्व जगत्🌍 और जगत् की सर्वक्रिया को धारती है, क्योंकि सर्वात्मा है सो क्यों न धारे? जैसे एक ही समुद्र🌊 में अनेक तरंग〰️ उठते हैं परन्तु सब ही समुद्र के आश्रय हैं और वही रूप हैं, तैसे ही सर्वजीव परमात्मा🕉️ में फुरते हैं, परमात्मा के आश्रय हैं और वही रूप है | जैसे तरंग आपको जाने कि मैं जल💧 ही हूँ तो तरंग उसकी संज्ञा जाती रहती है जलरूप ही दिखता है, तैसे ही जीव जब परमात्मा से आपको अभेद जाने कि `मैं आत्मा ही हूँ' तब उसके जीवत्वभाव का अभाव हो जाता है, परमात्मा ही दीखता है |* *🙏 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

Comments (12)

Rama Devi Sahu
Jul 16, 2026
🚩 जय जगन्नाथ! 🚩 "जगन्नाथ स्वामी नयनपथगामी भवतु मे॥" 🙏 आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी और माता सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा समस्त भक्तों के लिए प्रेम, समानता, सेवा और भक्ति का संदेश लेकर आती है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से रथ यात्रा के दर्शन करते हैं, रथ की रस्सी खींचते हैं या इसकी महिमा का श्रवण करते हैं, उन्हें भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा और पुण्य फल की प्राप्ति होती है। 🌼 प्रभु जगन्नाथ आपके जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सफलता और अटूट भक्ति का आशीर्वाद प्रदान करें। 🙏 जय जगन्नाथ! जय बलभद्र! जय माता सुभद्रा!

Rama Devi Sahu
Jul 16, 2026
🚩 जय जगन्नाथ! 🚩 "जगन्नाथ स्वामी नयनपथगामी भवतु मे॥" 🙏 आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी और माता सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा समस्त भक्तों के लिए प्रेम, समानता, सेवा और भक्ति का संदेश लेकर आती है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से रथ यात्रा के दर्शन करते हैं, रथ की रस्सी खींचते हैं या इसकी महिमा का श्रवण करते हैं, उन्हें भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा और पुण्य फल की प्राप्ति होती है। 🌼 प्रभु जगन्नाथ आपके जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सफलता और अटूट भक्ति का आशीर्वाद प्रदान करें। 🙏 जय जगन्नाथ! जय बलभद्र! जय माता सुभद्रा!

R k jangid phulera Jaipur
Jul 16, 2026
जय श्री लक्ष्मी नारायण जी की 🙏

सविता
Jul 16, 2026
•───✨✨───•🎭"सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में,जीत तुम्हारे हाथों में है और हार तुम्हारे हाथों में।"🎭•───✨✨───•🎭

Rama Devi Sahu
Jul 16, 2026
🕉🌹🙏जय जगन्नाथ🙏🌹🕉 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼 🚩🚩 जय श्री हरि विष्णु 🚩🚩 ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ 🙏🙏 सु प्रभात नमन मित्रों।।🙏🙏 🌹🌻🌺 शुभ गुरुवार 🌺🌻🌹 🌷🏵️🍀 सृष्टि के पालनहार श्री नारायण व माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद सब पर बना रहे 🍀🏵️ 💐🌼🍁आज का दिन शुभ व मंगलमय हो 🍁🌼💐 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼

Rama Devi Sahu
Jul 16, 2026
🕉🌹🙏जय जगन्नाथ🙏🌹🕉 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼 🚩🚩 जय श्री हरि विष्णु 🚩🚩 ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ 🙏🙏 सु प्रभात नमन मित्रों।।🙏🙏 🌹🌻🌺 शुभ गुरुवार 🌺🌻🌹 🌷🏵️🍀 सृष्टि के पालनहार श्री नारायण व माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद सब पर बना रहे 🍀🏵️ 💐🌼🍁आज का दिन शुभ व मंगलमय हो 🍁🌼💐 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼

Rama Devi Sahu
Jul 16, 2026
🕉🌹🙏जय जगन्नाथ🙏🌹🕉 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼 🚩🚩 जय श्री हरि विष्णु 🚩🚩 ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ 🙏🙏 सु प्रभात नमन मित्रों।।🙏🙏 🌹🌻🌺 शुभ गुरुवार 🌺🌻🌹 🌷🏵️🍀 सृष्टि के पालनहार श्री नारायण व माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद सब पर बना रहे 🍀🏵️ 💐🌼🍁आज का दिन शुभ व मंगलमय हो 🍁🌼💐 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼

Rama Devi Sahu
Jul 16, 2026
🕉🌹🙏जय जगन्नाथ🙏🌹🕉 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼 🚩🚩 जय श्री हरि विष्णु 🚩🚩 ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ 🙏🙏 सु प्रभात नमन मित्रों।।🙏🙏 🌹🌻🌺 शुभ गुरुवार 🌺🌻🌹 🌷🏵️🍀 सृष्टि के पालनहार श्री नारायण व माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद सब पर बना रहे 🍀🏵️ 💐🌼🍁आज का दिन शुभ व मंगलमय हो 🍁🌼💐 💐🌹🥀🌺🌷🌸💮🏵️🌻🌼

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jul 16, 2026
Hari bol महाप्रभु जगन्नाथ जी के रथयात्रा * की हार्दिक शुभकामनाएँ भगवान जगन्नाथ आपकी सारी मनोकामनाएँ पूरी करें

Rakesh Kumar
Jul 16, 2026
good morning ji 🙏
