
Rama Devi Sahu
232 days ago
*निस्वार्थ देने का आनंद* ******************** मैंने अपने जीवन में यह स्वयं अनुभव किया है कि प्रसन्नता का सबसे सरल मार्ग है — देना। ईश्वर स्वयं "देने वाला" है — सदा देता है, बिना किसी प्रशंसा की अपेक्षा के। जैसे सूर्य की रोशनी या पक्षियों की चहचहाहट। जो भी आपके पास है — आपकी प्रतिभा, आपके कौशल, आपका ज्ञान, आपकी संपत्ति — और सबसे बढ़कर, आपका हृदय और आत्मा — सब कुछ दीजिए। क्योंकि निस्वार्थ देने से बढ़कर कोई सुख नहीं होता। देने वाला तुरंत प्रसन्नता पाता है और पाने वाला प्रेम का आनंद अनुभव करता है। जीवन बहुत छोटा है। प्रत्येक दिन देने के आनंद के साथ प्रारंभ और समाप्त हो — यही जीवन का सच्चा प्रकाश है। आपका दिन मंगलमय हो। 🌷🙏
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
