
राजकुमार पाण्डेय
16 hours ago
🌷 *कार्तिक में दीपदान* 🌷 ➡ *26 अक्टूबर, सोमवार से कार्तिक व्रत-स्नान प्रारंभ हो चुका है । 🙏🏻 *महापुण्यदायक तथा मोक्षदायक कार्तिक के मुख्य नियमों में सबसे प्रमुख नियम है दीपदान। दीपदान का अर्थ होता है आस्था के साथ दीपक प्रज्वलित करना। कार्तिक में प्रत्येक दिन दीपदान जरूर करना चाहिए।* 🙏🏻 **पुराणों में वर्णन मिलता है।* 🌷 *“स्नानं च दीपदानं च तुलसीवनपालनम् । भूमिशय्या ब्रह्मचर्य्यं तथा द्विदलवर्जनम् ।।* *विष्णुसंकीर्तनं सत्यं पुराणश्रवणं तथा । कार्तिके मासि कुर्वंति जीवन्मुक्तास्त एव हि । 🙏🏻 *पद्मपुराण में कार्तिक में दीपदान की तुलना अश्वमेघ यज्ञ से की है :* 🌷 *घृतेन दीपको यस्य तिलतैलेन वा पुनः। ज्वलते यस्य सेनानीरश्वमेधेन तस्य किम्।* ➡ *कार्तिक में घी अथवा तिल के तेल से जिसका दीपक जलता रहता है, उसे अश्वमेघ यज्ञ से क्या लेना है।* 🙏🏻 *अग्निपुराण के अनुसार* 🌷 *दीपदानात्परं नास्ति न भूतं न भविष्यति* ➡ *दीपदान से बढ़कर न कोई व्रत है, न था और न होगा ही* 🔥 *कार्तिक में दीपदान का एक मुख्य उद्देश्य पितरों का मार्ग प्रशस्त करना भी है।* 🌷 *"तुला संस्थे सहस्त्राशौ प्रदोषे भूतदर्शयोः* *उल्का हस्ता नराः कुर्युः पितृणाम् मार्ग दर्शनम्।।"* ➡ *पितरों के निमित्त दीपदान जरूर करें।* 🙏🏻 *पद्मपुराण, उत्तरखंड, अध्याय 123 में महादेव कार्तिक में दीपदान का माहात्म्य सुनाते हुए अपने पुत्र कार्तिकेय से कहते हैं ।* 🌷 *शृणु दीपस्य माहात्म्यं कार्तिके शिखिवाहन। पितरश्चैव वांच्छंति सदा पितृगणैर्वृताः।।* *भविष्यति कुलेऽस्माकं पितृभक्तः सुपुत्रकः। कार्तिके दीपदानेन यस्तोषयति केशवम्।।* ➡ *“मनुष्य के पितर अन्य पितृगणों के साथ सदा इस बात की अभिलाषा करते हैं कि क्या हमारे कुल में भी कोई ऐसा उत्तम पितृभक्त पुत्र उत्पन्न होगा, जो कार्तिक में दीपदान करके श्रीकेशव को संतुष्ट कर सके। ”* 🔥 *दीपदान कहाँ करें* 🔥 🙏🏻 *देवालय (मंदिर) में, गौशाला में, वृक्ष के नीचे, तुलसी के समक्ष, नदी के तट पर, सड़क पर, चौराहे पर, ब्राह्मण के घर में, अपने घर में ।* 🌷*देवद्विजातिकगृहे दीपदोऽब्दं स सर्वभाक्* ➡ *जो मनुष्य देवमन्दिर अथवा ब्राह्मण के गृह में दीपदान करता है, वह सबकुछ प्राप्त कर लेता है। पद्मपुराण के अनुसार मंदिरों में और नदी के किनारे दीपदान करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। दुर्गम स्थान अथवा भूमि पर दीपदान करने से व्यक्ति नरक जाने से बच जाता है।* 🔥 *जो देवालय में, नदी के किनारे, सड़क पर दीप देता है, उसे सर्वतोमुखी लक्ष्मी प्राप्त होती है। कार्तिक में प्रतिदिन दो दीपक जरूर जलाएं। एक श्रीहरि नारायण के समक्ष तथा दूसरा शिवलिंग के समक्ष । ।। पं राजकुमार पाण्डेय।।

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