
Rama Devi Sahu
4 days ago
*गरुड़ पुराण के अनुसार पितरों को खुश करने का सबसे अच्छा उपाय - सबसे सरल, सबसे शक्तिशाली और सबसे फलदायी* गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने गरुड़ जी से कहा - हे गरुड़, पितरों को खुश करने के लिए सोना, चाँदी, करोड़ों रुपये दान करने की जरूरत नहीं, पितर केवल भाव के भूखे हैं, जल के भूखे हैं, प्रेम के भूखे हैं। यदि पुत्र सच्चे मन से एक लोटा जल भी दे दे तो पितर 12 साल तक तृप्त रहते हैं। पर आज कल लोग बहुत खर्चा करते हैं, दिखावा करते हैं, पर पितर खुश नहीं होते, क्योंकि विधि गलत होती है। इसीलिए गरुड़ पुराण में 7 सबसे अच्छे उपाय बताए हैं, जो यदि कोई कर ले तो उसके पितर 7 जन्म तक उसका साथ नहीं छोड़ते, उसे आशीर्वाद देते हैं। *सबसे पहला और सबसे अच्छा उपाय - तर्पण, तर्पण, और केवल तर्पण।* गरुड़ पुराण कहता है - दान से बड़ा, यज्ञ से बड़ा, तप से बड़ा है तर्पण। क्योंकि दान में घमंड आ सकता है, यज्ञ में पैसा लगता है, तप में शरीर दुखता है, पर तर्पण में केवल जल, काला तिल, और प्रेम लगता है। तर्पण की विधि सबसे अच्छी - रोज सुबह स्नान करके, सफेद वस्त्र पहनकर, कुशा की पवित्री पहनकर, दक्षिण दिशा में मुँह करके, तांबे के लोटे में जल, उसमें गंगाजल, काला तिल, जौ, कुशा, तुलसी दल मिलाकर, अपने हाथ की अंजलि में लेकर, पिता, दादा, परदादा का नाम लेकर 3-3 बार जल दें। मंत्र - *ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः, पितामहेभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः, प्रपितामहेभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः।* यदि रोज नहीं कर सकते तो केवल पितृ पक्ष में 16 दिन, अमावस्या को, और पिता की पुण्यतिथि को अवश्य करें। गरुड़ पुराण कहता है - जो पुत्र साल में केवल 16 दिन भी तर्पण करता है, उसके पितर साल भर तृप्त रहते हैं। *दूसरा सबसे अच्छा उपाय - गीता पाठ, विशेषकर 7वां अध्याय।* गरुड़ पुराण में एक कथा है - एक ब्राह्मण बहुत पापी था, मरा तो प्रेत बन गया, उसके पुत्र ने उसके नाम से गीता के 7वें अध्याय का पाठ किया, और वह प्रेत उसी क्षण मुक्त होकर स्वर्ग गया। भगवान विष्णु कहते हैं - गीता मेरे मुख से निकली है, गीता का पाठ करने से पितर सीधे मेरे धाम वैकुंठ आते हैं। यदि पूरा गीता नहीं पढ़ सकते तो केवल 7वां अध्याय पढ़ें, या केवल ये 2 श्लोक पढ़ें - *पितॄणामार्यमा चास्मि, अहमात्मा गुडाकेश।* *सर्वस्य चाहं हृदि सन्निविष्टो।* रोज गीता का एक पन्ना भी पितरों के नाम से पढ़ेंगे तो पितर प्रसन्न होंगे। *तीसरा सबसे अच्छा उपाय - पीपल के पेड़ की सेवा।* गरुड़ पुराण कहता है - पीपल में ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सभी पितर वास करते हैं। जो व्यक्ति पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाता है, शाम को दीया जलाता है, पीपल की परिक्रमा करता है, उसके पितर कभी भूखे नहीं रहते। विधि - रोज सुबह पीपल पर काले तिल मिला जल चढ़ाएं, और शाम को सरसों के तेल का दीया जलाएं, और बोलें - *ॐ पितृभ्यो नमः*। पीपल को कभी काटें नहीं, रविवार को पीपल पर जल न चढ़ाएं, केवल शनिवार और अमावस्या को पीपल की पूजा पितरों के लिए विशेष फलदायी है। *चौथा सबसे अच्छा उपाय - पंचबलि, यानी गाय, कौए, कुत्ते, चींटी, ब्राह्मण को भोजन।* गरुड़ पुराण कहता है - पितर 5 रूपों में आते हैं - गाय में, कौए में, कुत्ते में, चींटी में, ब्राह्मण में। जो पुत्र रोज अपनी थाली से 5 ग्रास निकालकर इन 5 को देता है, उसके पितर कभी रुष्ट नहीं होते। विशेषकर कौए को रोटी, गाय को गुड़-रोटी, कुत्ते को रोटी, चींटी को आटा-शक्कर, ब्राह्मण को भोजन। पितृ पक्ष में तो यह अवश्य करना चाहिए। यदि रोज नहीं कर सकते तो अमावस्या को अवश्य करें। *पाँचवां सबसे अच्छा उपाय - गया श्राद्ध, या घर में पिंडदान।* गरुड़ पुराण कहता है - पितरों को सबसे ज्यादा प्रिय है पिंड। पिंड अर्थात चावल, जौ, काला तिल, शहद, घी, गंगाजल से बना गोला। जो पुत्र गया जाकर पिंडदान करता है, उसके 21 पीढ़ी के पितर मुक्त हो जाते हैं। यदि गया नहीं जा सकते तो घर में ही अमावस्या को चावल के 3 पिंड बनाकर, काले तिल, घी, शहद लगाकर, पीपल के नीचे पितरों के नाम से रखें, और कौए को खाने दें। यह भी गया श्राद्ध के समान फल देता है। *छठा सबसे अच्छा उपाय - ब्राह्मण भोजन, और दक्षिणा।* पितरों तक भोजन ब्राह्मण के द्वारा ही जाता है। गरुड़ पुराण कहता है - भूखे ब्राह्मण को भोजन कराओ, वह तृप्त होगा तो पितर तृप्त होंगे। पितृ पक्ष में एक ब्राह्मण को भी यदि आपने पेट भर खीर-पूरी, सब्जी, दाल खिलाई, और दक्षिणा दी, तो आपके पितर 1 साल तक आशीर्वाद देंगे। ब्राह्मण कैसा हो? लालची न हो, वेदपाठी हो, सात्विक हो। उसे भोजन कराते समय चप्पल न पहनें, प्रेम से भोजन कराएं, भोजन के बाद उसके पैर छुएं। *सातवां और
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Sep 25, 2026
Ji Bahut bahut Dhanyawad 🙏 Shubha Sandhya Vandan ke Sath Ram Ram Ji 🙏🌹

Ramesh chand
Sep 25, 2026
बहन ज़ी इतनी अच्छी और सुलभ जानकारी आपने दिया है आसानी से नहीं मिलती जो सभी भक्तों आप और और भी मेरे प्यारे बहन भाई अपनी पोस्ट में परोसते हैं ऐसे सभी भक्तों को बहुत 2 साधु वाद आभार. ❤️रामा देवी साहू ज़ी 💕🌹🙏
