
Rama Devi Sahu
7 hours ago
*मेरा ❤️❤️❤️❤️❤️प्रेम* कृष्ण, तुम्हारा प्रेम निराला है, सूने मन में प्रेम का उजाला है। न माँगूँ तुमसे धन-दौलत, न संसार, बस बना रहे तुमसे मेरा प्रेम अपार। तुम बाँसुरी की मधुर तान हो, मेरे सूने मन की मुस्कान हो। जब दुनिया में कोई अपना न लगे, तब तुम ही मेरे हृदय में बसे। न देखूँ तुम्हें आँखों से, फिर भी पास पाती हूँ, तुम्हारा नाम लेकर हर पीड़ा भूल जाती हूँ। मुझे प्रेम का अर्थ समझाना नहीं पड़ता, जब मन राधे-कृष्ण कहे, कुछ और माँगना नहीं पड़ता। न प्रेम में शर्तें, न पाने की अभिलाषा, बस चरणों में तुम्हारे मिट जाए हर निराशा। हे कृष्ण! इतना-सा उपकार कर देना, मेरे प्रेम को अपनी भक्ति में बदल देना। हरे कृष्ण 🙏
Comments (4)

Rama Devi Sahu
Oct 22, 2026
🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Ji 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Oct 22, 2026
🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Ji 🙏🌹🌹

Kapil Tyagi
Oct 22, 2026
जय श्री राधे कृष्ण

Suresh Kumar
Oct 22, 2026
राधे राधे जी 🙏 जय श्रीं कृष्णा
