MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

80 days ago

17 मई 15 जून 2026 तक पुरूषोत्तम होने से अधिकमास की दो महत्वपूर्ण एकादशियां रहेंगी। बहुत ही पुण्‍यदायक मानी गई हैं। प्रतिषवर्ष ज्येष्ठ माह में 2 एकादशियां होती हैं- अपरा (अचला) एकादशी ज्येष्ठ कृष्ण और निर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल। हालांकि इस बार 4 एकादशियां रहेंगी- 13 मई कृष्णपक्ष अपरा एकाददशी, 27 मई शुक्लपक्ष कमला एकादशी, 11 जून कृष्णपक्ष परमा एकादशी, 25 जून शुक्लपक्ष निर्जला एकादशी जिसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। यह चारों ही एकादशियां बहुत महत्वपूर्ण है। पहली एकादशी: 27 मई 2026 बुधवार को पहली पुरुषोत्तमी एकादशी (पद्मिनी/कमला एकादशी)। दूसरी एकादशी: 11 जून 2026 गुरुवार को दूसरी पुरुषोत्तमी एकादशी (परमा एकादशी)। अधिकमास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को पद्मिनी या कमला एकादशी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को कीर्ति, वैभव और संतान सुख की प्राप्ति होती है। यह व्रत व्रती को सीधे बैकुंठ धाम का अधिकारी बनाता है और जीवन के सभी भौतिक कष्टों को दूर करता है। अधिकमास या पुरुषोत्तम मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु (श्रीहरि) हैं। इसलिए इस महीने में आने वाली एकादशियां सामान्य दिनों की एकादशियों से अनंत गुना अधिक फलदायी मानी जाती हैं। चूंकि यह संयोग तीन साल में केवल एक बार बनता है, इसलिए अध्यात्मिक उन्नति के लिए इसका महत्व बहुत बढ़ जाता है। अधिकमास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी को 'परमा एकादशी' के नाम से जाना जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, यह 'परम' सिद्धियों और ऐश्वर्य को देने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को विधि-विधान से करने पर घोर दरिद्रता और आर्थिक तंगी का नाश होता है। अज्ञात पापों से मुक्ति पाने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ तिथि है। इन तिथियों पर व्रत रखने के साथ-साथ दीपदान, अन्नदान और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' महामंत्र का जप करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। इन दुर्लभ एकादशियों के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु के समक्ष दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन फलाहार रहें और द्वादशी तिथि के शुभ मुहूर्त में पारण (व्रत खोलना) करें। इस पावन अवसर को हाथ से न जाने दें और श्रीहरि की कृपा प्राप्त करें।

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!